एप डाउनलोड करें

मां बच्चों के साथ विदेश जा सकती है लेकिन पिता की छुट्टियों में खलल नहीं डाल सकती : बॉम्बे हाईकोर्ट ने की टिप्पणी

मुम्बई Published by: paliwalwani Updated Mon, 29 Jun 2026 01:25 AM
विज्ञापन
Follow Us
विज्ञापन

वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुंबई. बॉम्बे हाई कोर्ट ने तलाक की कार्यवाही से गुजर रही मां को बेटियों संग पिता की विदेश यात्रा में शामिल होने की अनुमति दी है। शर्त है कि वह उसी होटल में नहीं ठहरेगी और पिता की छुट्टियों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने तलाक की कार्यवाही से गुजर रही एक महिला को अपनी नाबालिग बेटियों के पिता के साथ विदेश यात्रा करने की इजाजत दे दी है, लेकिन उन्हें उसी होटल में ठहरने या छुट्टियों में दखल देने से रोक दिया है।

जस्टिस नीला गोखले ने चेतावनी दी कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। कोर्ट ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि अगर लड़कियों ने शिकायत की कि उनकी मां ने पिता के साथ उनकी यात्रा में दखल दिया है तो कोर्ट उनसे मिलने के उनके अधिकार पर रोक लगा सकता है।

क्या है मामला?

गोवा की इस महिला ने पिता को आठ दिन की कस्टडी और बेटियों को विदेश ले जाने की इजाजत देने वाले आदेश को चुनौती दी थी। इसके अलावा, उन्होंने उनके साथ जाने की इजाजत मांगी और कोर्ट से पिता को उनके यात्रा और ठहरने का इंतजाम करने और उसका खर्च उठाने का निर्देश देने को कहा।

दोनों लड़कियों से बातचीत करने के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि वे अपने पिता के साथ यात्रा करने में सहज थीं और छुट्टियों को लेकर उत्साहित थीं। कोर्ट ने कहा, "इसलिए, प्रतिवादी (पिता) को याचिकाकर्ता (मां) के उनके और उनकी बेटियों के साथ यात्रा करने के लिए इंतजाम करने और खर्च उठाने का निर्देश देने का कोई कारण नहीं है।"

हाई कोर्ट ने कहा, "मेरा मानना है कि बच्चों के साथ उसी फ्लाइट में मां का जाना और उसी होटल में ठहरना उल्टा असर डाल सकता है और इससे बच्चों के अपने पिता और सबसे अच्छे दोस्त के साथ छुट्टियों का मजा लेने में बाधा आ सकती है।"

हालांकि, कोर्ट ने बेटियों की सुरक्षा को लेकर मां की चिंता को देखते हुए उन्हें उसी दौरान अपने खर्च पर यात्रा करने की इजाजत दे दी। पिता को मां और बेटियों के बीच सुबह और शाम वीडियो कॉल की सुविधा देने के पहले के निर्देश लागू रहेंगे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next