इंदौर. इंदौर के थाना लसूड़िया क्षेत्र में स्वयं को IAS अधिकारी एवं जिला कलेक्टर बताकर लोगों के बीच प्रभाव जमाने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के मकान से IAS एवं कलेक्टर पद से संबंधित फर्जी नेम प्लेट तथा भ्रामक सामग्री जब्त की गई है। शहरऔर स्थानीय मार्गदर्शिका
दिनांक 02 सितम्बर 2026 को थाना लसूड़िया पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि ओमेक्स सिटी-1 स्थित मकान क्रमांक 1565-ए, शुभ आंगन प्रीमियम में रहने वाला एक व्यक्ति स्वयं को IAS अधिकारी बताता है। उसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं और वह अधिकारी होने का प्रभाव दिखाकर आसपास के लोगों पर रौब जमाता है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी पराग सैनी और थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार यादव के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मकान मालिक और किरायेदारों से पूछताछ करने पर पता चला कि मकान के ऊपरी हिस्से में रहने वाला युवक स्वयं को “राज सोनी” तथा जिला कलेक्टर बताता है।
पुलिस द्वारा युवक से नाम, पदस्थापना और IAS अधिकारी होने से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पूछताछ के दौरान वह लगातार अपना बयान बदलता रहा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना वास्तविक नाम हिमांशु पांचाल पिता योगेश पांचाल, उम्र 28 वर्ष बताया।
आरोपी का मूल निवास सी-18, जनकपुर सोसायटी, केशवनगर, सुभाष ब्रिज, थाना साबरमती, अहमदाबाद, गुजरात है। वर्तमान में वह ओमेक्स सिटी-1, इंदौर में किराये से रह रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कोई IAS अधिकारी नहीं है। समाज में अपना रुतबा, प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ाने के उद्देश्य से वह स्वयं को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं जिला कलेक्टर बताता था।
आरोपी की गतिविधियों एवं जब्त सामग्री के आधार पर थाना लसूड़िया पुलिस ने उसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 1370/2026, धारा 204 भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया है। प्रकरण में विस्तृत पूछताछ और विवेचना जारी है।
आरोपी से संबंधित उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड के अनुसार थाना अडालज, जिला गांधीनगर, गुजरात में भी FIR क्रमांक 441/2026, दिनांक 23 मई 2026 को धारा 316(5) एवं 318(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रकरण दर्ज होना पाया गया है। उक्त प्रकरण के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा रही है।
पुलिस ने मौके से जब्त की महत्वपूर्ण सामग्री
- काले रंग की फर्जी नेम प्लेट, जिस पर “IAS RAJ SONI – District Collector” लिखा हुआ था।
- “IAS सत्यमेव जयते” अंकित फोटो फ्रेम।
- “सत्यमेव जयते – कलेक्टर साहब” लिखी हुई सामग्री।
- स्वयं को प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शित करने के लिए उपयोग की जा रही अन्य भ्रामक वस्तुएं।