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मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश के बीच रात के तापमान में गिरावट आई : 10 जून तक इन जिलों में 60km की रफ्तार से चलेगी आंधी

इंदौर Published by: indoremeripehchan.in Updated Sat, 06 Jun 2026 11:37 PM
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इंदौर.

मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश के बीच रात के तापमान में खासी गिरावट आई है। रविवार-सोमवार रात खंडवा में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 19.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे में सतना में सवा इंच से ज्यादा पानी बरस गया। दतिया में आधा इंच बारिश हुई।

मध्य प्रदेश के लोगों के लिए भीषण गर्मी और उमस के बीच बड़ी राहत की खबर है। राज्य में प्री-मानसून की गतिविधियां तेजी से सक्रिय हो रही हैं, जिसके चलते आगामी 3 से 4 दिनों अर्थात 7 से 10 जून 2026 के दौरान प्रदेश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश होने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मौसम एवं पर्यावरण विशेषज्ञ शैलेन्द्र कुमार नायक के विश्लेषण के मुताबिक 'वर्तमान में रीवा के पास से गुजर रही मौसमी द्रोणिका, झारखंड–छत्तीसगढ़–तेलंगाना ट्रफ और उत्तर प्रदेश के चक्रवाती परिसंचरण के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी आ रही है।

इसके प्रभाव से अगले 3-4 दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश (रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग) सबसे ज्यादा सक्रिय वर्षा क्षेत्र रहेगा। 10 जून के बाद मानसूनी गतिविधियां और मजबूत होंगी।' मौसम विभाग ने कई इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

मौसम एवं पर्यावरण विशेषज्ञ शैलेन्द्र कुमार नायक के विश्लेषण के मुताबिक 'वर्तमान में रीवा के पास से गुजर रही मौसमी द्रोणिका, झारखंड–छत्तीसगढ़–तेलंगाना ट्रफ और उत्तर प्रदेश के चक्रवाती परिसंचरण के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी आ रही है।

इसके प्रभाव से अगले 3-4 दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश (रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग) सबसे ज्यादा सक्रिय वर्षा क्षेत्र रहेगा। 10 जून 2026 के बाद मानसूनी गतिविधियां और मजबूत होंगी।' मौसम विभाग ने कई इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

पूर्वी, दक्षिणी और मध्य मध्य प्रदेश में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर विशेष रूप से सचेत रहने को कहा गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में काम करने वाले किसानों को खुले आसमान या पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

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