इंदौर. भारतीय जनता पार्टी के मध्य प्रदेश के प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह ने कहा है कि वर्ष 2047 का भारत विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत होगा। वह भारत एक बार फिर सोने की चिड़िया के रूप में पहचाना जाएगा। वह भारत विश्व गुरु होगा। पूरी दुनिया भारत के बताएं रास्ते पर चलेगी।
वे आज यहां अभ्यास मंडल द्वारा आयोजित 66वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यान माला को संबोधित कर रहे थे। उनका विषय था भारत दृष्टि 2047। अपनी बात को आंकड़ों के साथ रखते हुए उन्होंने कहा कि बीते हुए जमाने में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। यह इसलिए कहा जाता था क्योंकि भारत के हर मंदिर में सोना लगा हुआ था। देश की आजादी के पहले अंग्रेज हमारे देश से सोना लूट कर ले गए।
अब यदि हम आज की स्थिति की चर्चा करें तो भारत सरकार ने विरासत से विकास का लक्ष्य तय किया है। आचार्य चाणक्य ने कहा था कि देश की प्रगति के लिए कोष और सैन्य शक्ति का मजबूत होना जरूरी है। राजनीतिक गुलामी से पहले आर्थिक गुलामी आती है। हम हमारे देश के मंदिरों की चर्चा करें तो सोमनाथ के मंदिर पर 25 साल पूर्व किसी भी गुंबद पर सोना नहीं था और आज हर गुंबद सोने का है। मुंबई के सिद्धि विनायक गणेश मंदिर पर पूरा मंदिर सोने का है। बाबा विश्वनाथ का मंदिर पूरा राजा रणजीत सिंह ने सोने का बनवा दिया। इस तरह एक बार फिर हम वैभवशाली स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत चौथे स्थान पर है। इस समय हमारी इकोनॉमी 4.76 ट्रिलियन डॉलर की है। वर्ष 2029 तक हम तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे और 2035 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे। जब वर्ष 2047 आएगा तब अर्थव्यवस्था में भारत दुनिया में नंबर एक पर होगा।
इस समय अमेरिका की अर्थव्यवस्था 29 ट्रिलियन डॉलर की है, चीन की 18 ट्रिलियन डॉलर की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ग्रोथ रेट 2.5है, जर्मनी की 0.9है, जापान की एक प्रतिशत है, चीन की 4.5 प्रतिशत है और भारत की 7है। पूरी दुनिया की जमीन 51 करोड़ वर्ग किलोमीटर की है। इसमें से 98 लाख वर्ग किलोमीटर पर अमेरिका, 95 लाख वर्ग किलोमीटर पर चीन, 2 लाख वर्ग किलोमीटर पर ऑस्ट्रेलिया और 37.8 वर्ग किलोमीटर पर भारत है। पूरी दुनिया की जमीन में भारत की हिस्सेदारी 4है जबकि आबादी 17है।
उन्होंने कहा कि 35 वर्ष पूर्व भारत में यह स्थिति बन गई थी कि चंद्रशेखर के नेतृत्व वाली भारत सरकार कर्ज के ब्याज को चुकाने की स्थिति में नहीं थी। तब देश का सोना गिरवी रखने की बात चली थी। इस समय हमारे देश के पास में 880 मेट्रिक टन सोने का भंडार है। हमारे देश ने 750 अरब डॉलर का निर्यात किया है। हमारे देश में इस समय 1.94 लाख किलोमीटर का नेशनल हाईवे है। नमामि गंगे के तहत तेजी से काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र से मतलब होता है कि देश के हर नागरिक के पास मकान हो, कोई भूखा नहीं सोए। हमारे देश में 2013 में प्रति व्यक्ति आय 59000 थी जो कि अब 2.46 लाख रुपए है। सरकार ने विशेष अभियान चला कर हर नागरिक का बैंक में खाता खुलवाया है।
शिक्षा की दर, आवास की व्यवस्था, रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन सभी कुछ बहुत बेहतर हो गया है। एक समय था जब रक्षा के लिए हम एक गोली भी दूसरे देशों से मंगवाते थे और आज हम सैन्य उपकरण 110 देश को निर्यात करते हैं। यह निर्यात 24000 करोड रुपए का है। देश की प्रगति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में 104 उपग्रह एक साथ मंगल पर छोड़े गए। कोविड के समय पर दुनिया के देशों को सबसे पहले वैक्सीन बनाकर भारत ने दिया।
डॉ सिंह ने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि सभी राज्य समान रूप से आगे बढ़ेंगे तो ही हम लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति होना चाहिए। इस समय देश में 7500 मंदिर में काम चल रहा है। इसके अलावा राम स्कीट, बौद्ध सर्किट, कृष्णा सर्किट और चारों धाम के सर्किट बनाए जा रहे हैं। गुलामी के समय पर भारत से ले जाए गए मूर्ति और अन्य सामान को दूसरे देश खुद वापस कर रहे हैं।
इस समय तक हमारे देश में 647 मूर्ति वापस आ गई है। देश के ग्रामीण क्षेत्र में 2.76 लाख गांव तक ऑप्टिकल फाइबर की लाइन बिछा दी गई है। देश में 126 करोड़ मोबाइल का उपयोग किया जा रहा है और 87 करोड लोग ऑनलाइन चर्चा कर रहे हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथि का स्वागत मुरली खंडेलवाल, इशान श्रीवास्तव, मेघा बर्वे ने किया। अतिथि का परिचय अशोक कोठारी ने दिया। कार्यक्रम का संचालन माला सिंह ठाकुर ने किया। अंत में आभार प्रदर्शन अशोक बडजात्या ने किया। अतिथि को स्मृति चिन्ह संजय त्रिपाठी, मुकेश तिवारी ने भेंट किया।