इंदौर. किसी भी पंथ या धार्मिक मान्यता से बड़ा देश होता है। देश के लिए मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाने वाले गीत-संगीत या उनके स्मारकों का सम्मान करना हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
राष्ट्रगीत गाना या न गाना किसी की व्यक्तिगत इच्छा हो सकती है, लेकिन उसका अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने यह बात वंदे मातरम गीत को ना गाने और उसका अपमान करने के बाद उपजे विवाद के बाद कहीं उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में जो जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस के नेता चिंटू चौकसे और वरिष्ठ नेता के.के. मिश्रा ने इस विषय पर बयान दिया है, तो कांग्रेस पार्टी को इस पर उन्हें नोटिस जारी करना चाहिए।