ईरान. मिडिल-ईस्ट (Middle East) में एक बार फिर जंग तेज हो गई है. रविवार देर रात ईरान (Iran) ने इजरायल (Israel) पर हमले किए थे, जिसके जवाब में अब सोमवार तड़के इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ा हवाई हमला (Airstrike) किया.
ईरानी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, देश में कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है. इजरायल ने राजधानी तेहरान, इस्फहान, तब्रीज और पश्चिमी ईरान के कुछ दूसरे हिस्सों में मिसाइलें बरसाई हैं. लेबनान की राजधानी बेरूत से भी धमाकों की आवाजें सुनाई दी.
बता दें कि ट्रंप ने पहले ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को उत्तरी इजरायल पर हुए ईरानी हमले का जवाब न देने की बात कही थी. ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि नेतन्याहू ने ट्रंप की बात मान भी ली थी. इसके बावजूद इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया है.
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हमलों की पुष्टि करते हुए लिखा, ‘कुछ समय पहले इजरायली एयर फोर्स ने पश्चिमी और मध्य ईरान में ईरानी आतंकी शासन के मिलिट्री ठिकानों पर हमला किया.’ जानकारी के मुताबिक, इजरायल ईरान पर फिर से बड़े हमले की तैयारी भी कर रहा है.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार सुबह एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है कि ‘जायोनी दुश्मन’ (इजरायल) ने ईरानी सीमा के अंदर हमला किया है. आईआरजीसी के मुताबिक, इस हमले में हवा से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है.
इस्फहान में कम से कम तीन बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई. इसके अलावा तेहरान, तब्रीज और करज शहर की तरफ से भी भारी विस्फोटों की आवाजें आईं. हालांकि, इजरायल का दावा है कि कोई भी इजरायली विमान ईरानी एयरस्पेस के भीतर दाखिल नहीं हुआ. ये बमबारी इराक के आसमान और भूमध्य सागर में तैनात युद्धपोतों से की गई.
हाल ही में इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने एक कहा था, ‘तेहरान को जलना ही होगा.’ उनके इस बयान से साफ है कि इजरायल इस बार पीछे हटने के मूड में नहीं है.
ईरान पर हमले के बाद इजरायल ने भी किसी भी संभावित जवाबी कार्रवाई से निपटने के लिए देश में अलर्ट घोषित कर दिया है. इजरायल के होम फ्रंट कमांड ने सुरक्षा कारणों से देश के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है. इसके साथ ही सभी अस्पतालों को अंडरग्राउंड से काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
रविवार को ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों के बाद इजरायल ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है. देश में परिवहन को फिलहाल 75 प्रतिशत क्षमता के साथ ही चलाया जा रहा है. हालांकि, इजरायल एयरपोर्ट अथॉरिटी ने साफ किया है कि हवाई अड्डे के संचालन में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है.