ब्रिक्स शिखर सम्मेलन खत्म होते ही बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारत के साथ संबंधों को एक नए अध्याय की शुरुआत बताते हुए 'रीसेट' करने की पहल करने वाले बांग्लादेश ने अब इस पूरे घटनाक्रम पर अपने तल्ख तेवर दिखाए हैं। सम्मेलन में हिस्सा न ले पाने और भारत के साथ संबंधों को लेकर उपजे हालातों के बीच बांग्लादेशी खेमे में साफ तौर पर बेचैनी महसूस की जा रही है।
समझौतों की समीक्षा और तीखे तेवर
बांग्लादेश की तरफ से यह बात सामने आई है कि ब्रिक्स में भारत ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री की हैसियत से नहीं बुलाया था। इस मसले पर अपनी तिलमिलाहट जाहिर करते हुए कहा गया है कि हर वक्त यानी ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के समय भारत के बारे में नहीं सोचा जा सकता। इन तमाम घटनाक्रमों के बीच भारत को कई झटके देते हुए दिल्ली के साथ हुए समझौतों की समीक्षा शुरू कर दी गई है और साथ ही चटगांव पोर्ट के मोर्चे पर भी कड़े तेवर दिखाए गए हैं।