अमेरिका और ब्रिटेन में कोरोना के बाद मंकीपॉक्स वायरस से मचा हड़कंप

विज्ञापन

लंदन : वैश्विक महामारी कोरोना अभी पूरी तरह से खत्‍म नहीं हुआ कि नये वायरस ने फिर मुसीबत में डाल दिया है। यह नया वायरस ब्रिटेन में मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) के मामले की पुष्टि होने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। यह बीमारी चूहों या बंदरों जैसे संक्रमित जीवों से मनुष्य में फैलती है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि संक्रमित व्यक्ति हाल में नाइजीरिया से आया है। ऐसे में आशंका है कि मरीज को मंकीपॉक्स का संक्रमण उसी देश में हुआ है.

क्या है मंकीपॉक्स?

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) के मुताबिक, इंसानों में मंकीपॉक्स का मामला पहली बार 1970 में सामने आया था। तब से लेकर अब तक अफ्रीका के 11 देशों में इस वायरस की मौजूदगी की पु‍ष्‍टि हो चुकी है। मंकीपॉक्‍स के शुरुआती मामले 1958 में सामने आए। जब रिसर्च के लिए रखे गए बंदरों में यह बीमारी फैली। इंसानों में मंकीपॉक्‍स का पहला केस 1970 में कान्‍गो (अफ्रीका) में दर्ज हुआ।

मंकीपॉक्स के लक्षण क्या हैं?

WHO के मुताबिक, मंकीवायरस संक्रमण होने के बाद लक्षण दिखने में 6 से 13 दिन लग सकते हैं। संक्रमितों को बुखार, तेज सिरदर्द, पीठ और मांसपेशियों में दर्द के साथ गंभीर कमजोरी महसूस हो सकती है। लिम्फ नोड्स की सूजन इसका सबसे आम लक्षण माना जाता है। बीमार शख्‍स के चेहरे और हाथ-पांव पर बड़े-बड़े दाने हो सकते हैं। अगर संक्रमण गंभीर हो तो ये दाने आंखों के कॉर्निया को भी प्रभावित कर सकते हैं।

विज्ञापन

और पढ़ें...

ये भी पढ़ें...

WhatsApp पर शेयर Facebook