एप डाउनलोड करें

India-EU FTA Deal: भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड डील पर अमेरिका की चिंता, ‘रूसी तेल’ को लेकर चेतावनी

देश-विदेश Published by: Paliwalwani Updated Tue, 27 Jan 2026 11:53 AM
विज्ञापन
Follow Us
विज्ञापन

वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

India-EU FTA News in Hindi: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच होने जा रही ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) डील ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में हलचल मचा दी है। नई दिल्ली में आयोजित भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान इस समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

यह डील न सिर्फ भारत और यूरोप के व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देगी, बल्कि करीब 200 करोड़ लोगों के साझा बाजार और दुनिया की लगभग 25 प्रतिशत GDP को कवर करने वाली सबसे बड़ी व्यापारिक साझेदारियों में से एक बन सकती है।

भारत-ईयू FTA से क्यों बेचैन है अमेरिका?

भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ती नजदीकी को लेकर अमेरिका की चिंता अब खुलकर सामने आने लगी है। जैसे-जैसे India-EU FTA डील के साइन होने का वक्त नजदीक आ रहा है, अमेरिका की प्रतिक्रियाएं भी तेज होती जा रही हैं।

अमेरिका की ओर से कभी चेतावनी तो कभी सलाह के रूप में यह संदेश दिया जा रहा है कि भारत के साथ इस बड़े व्यापारिक समझौते से यूरोप को नुकसान हो सकता है। जानकारों के मुताबिक, यह प्रतिक्रिया दरअसल अमेरिका के लिए एक बड़े बाजार के हाथ से निकलने की आशंका को दिखाती है।

‘रूसी तेल’ से जोड़कर डील पर सवाल

India-EU Free Trade Agreement को लेकर अमेरिका ने इसे रूस-यूक्रेन युद्ध से जोड़ने की कोशिश भी की है। तर्क दिया जा रहा है कि भले ही यूरोप ने सीधे तौर पर रूसी तेल से दूरी बना ली हो, लेकिन भारत के साथ व्यापार बढ़ने से रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के जरिए अप्रत्यक्ष खरीद का रास्ता खुल सकता है।

इसी आधार पर यह कहा जा रहा है कि यह प्रक्रिया रूस की अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष समर्थन दे सकती है। भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ का हवाला भी इसी संदर्भ में दिया जा रहा है।

India-EU FTA डील क्यों है इतनी अहम?

भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर कई वर्षों से बातचीत चल रही थी, जो अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। इस डील के लागू होने से—

  • भारत को यूरोप के 27 देशों में कम या शून्य टैरिफ पर निर्यात का मौका मिलेगा

  • यूरोप को 140 करोड़ उपभोक्ताओं का विशाल भारतीय बाजार मिलेगा

  • अमेरिका और चीन पर यूरोप की व्यापारिक निर्भरता कम होगी

  • भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका और मजबूत होगी

फिलहाल भारत-ईयू के बीच करीब 136 अरब डॉलर का वार्षिक व्यापार होता है, जिसमें इस FTA के बाद तेज़ बढ़ोतरी की उम्मीद है।

FAQ: India-EU FTA से जुड़े सवाल-जवाब

सवाल: FTA क्या होता है?

जवाब: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) एक ऐसा समझौता होता है, जिसमें दो या अधिक देश आपसी व्यापार पर लगने वाले आयात-निर्यात शुल्क को कम या समाप्त कर देते हैं।

सवाल: भारत-ईयू फ्री ट्रेड डील से क्या फायदा होगा?

जवाब: इससे आयात-निर्यात आसान होगा, उत्पाद सस्ते होंगे, निर्यात बढ़ेगा और दोनों पक्षों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सवाल: FTA का फुल फॉर्म क्या है?

जवाब: FTA का पूरा नाम Free Trade Agreement है, जिसे हिंदी में मुक्त व्यापार समझौता कहा जाता है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next