Bilkis Bano Case: दंगों की पीड़िता बिलकिस बानो के साथ 11 लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था। गुजरात सरकार ने इन आरोपियों को माफी दे थी। लेकिन अब इस मामले में फैसला सुनाते हुए इन आरोपियों की रिहाई को रद्द कर दिया है।
जस्टिस बीवी नागरत्ना (BV Nagarathna) और उज्जल भुइयां (Ujjal Bhuyan) की पीठ ने यह फैसला सुनाया है। इस मामले में बिलकिस बानो ने खुद ही दोषियों को मिली सजा में छूट को चुनौती देते हुए याचिका दायर थी। उनकी याचिका के अलावा गुजरात सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली कई जनहित याचिकाएं भी दर्ज की गई थीं।
महिला सम्मान जरूरी
सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पीड़ित के अधिकार महत्वपूर्ण हैं और महिला सम्मान की पात्र है। क्या महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों में छूट दी जा सकती है?