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बुजुर्ग से ऑनलाइन ठग लिए 7 करोड़ : तीन हफ्ते तक रखा डिजिटल अरेस्ट

गुजरात Published by: paliwalwani Updated Sun, 04 Jan 2026 06:50 PM
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अहमदाबाद. ऑनलाइन करोड़ों रुपये ठग लिए जाने की ये कहानी अहमदाबाद की है. 82 साल के बुजुर्ग को जालसाजों (Fraudsters) ने तीन सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट (Digital arrest) रखा और डरा-धमकाकर 7.12 करोड़ ट्रांसफर करवा लिए. इस मामले में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने 12 आरोपियों को अरेस्ट किया है, जिनका कनेक्शन इंटरनेशनल साइबर गैंग से है, जिसकी कमान कंबोडिया से चाइनीज मूल के ठगों के पास थी.

साइबर क्राइम की ये कहानी 4 दिसंबर से शुरू हुई, जब बुजुर्ग के पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई (TRI) का अधिकारी बताते हुए धमकाया और दावा किया कि बुजुर्ग के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर मशहूर हस्तियों को अश्लील वीडियो भेजे गए हैं और उनके खिलाफ मुंबई क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई है. इसके बाद जालसाजों ने बुजुर्ग से संपर्क बनाए रखने के लिए अन्य ठगों को मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनाकर वीडियो कॉल करने के लिए लगाया.

जालसाजों ने बुजुर्ग को डराने के लिए 2 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन का सबूत दिखाया और कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नरेश गोयल से जुड़ा है. इसके बाद बुजुर्ग को वॉट्सएप वीडियो कॉल के जरिए एक नकली ऑनलाइन कोर्ट दिखाई गई, जहां एक व्यक्ति जज बनकर बैठा दिख रहा था. बुजुर्ग को 24 घंटे तक कॉल पर रहने को कहा गया और डिजिटल अरेस्ट करने की बात कही गई.

साथ ही ठगों ने बुजुर्ग को फर्जी लेटर और वारंट भेजकर सीबीआई, आरबीआई, ईडी और इंटरपोल के LOGO का इस्तेमाल किया और जेल व मानहानि की धमकी दी. इसके बाद 16 से 26 दिसंबर के बीच उन्होंने बुजुर्ग से उनके बैंक खातों, संपत्तियों और डीमैट खातों की जानकारी हासिल कर ली. जालसाजों ने बुजुर्ग को यह विश्वास दिलाया कि वेरिफिकेशन के बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे. इसी झूठे भरोसे में बुजुर्ग ने आरटीजीएस और चेक के जरिए 7.12 करोड़ रुपये जालसाजों के खाते में ट्रांसफर कर दिए.

साइबर क्राइम की जांच में सामने आया कि यह गैंग कंबोडिया से संचालित हो रहा था. इसके पीछे चाइनीज साइबर गैंग का हाथ था. अहमदाबाद और सूरत में रहने वाले 12 गिरफ्तार आरोपियों ने अपने बैंक खातों का इस्तेमाल कमीशन लेने और फंड ट्रांसफर के लिए किया. पुलिस ने जांच के दौरान 238 म्यूल यानी किराए के बैंक खातों के बारे में जानकारी जुटाई. ठगी से मिलने वाली राशि को टेलीग्राम चैनलों के जरिए USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर विदेश भेजा गया.

पुलिस ने आरोपियों के पास से 16 मोबाइल और कैश जब्त किया है. पीड़ित बुजुर्ग ने पुलिस से तीन हफ्ते बाद शिकायत की, तब तक जालसाज पैसे ट्रांसफर कर चुके थे. केवल 10 लाख रुपये ही पुलिस रोक सकी. अहमदाबाद साइबर क्राइम ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.

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