नई दिल्ली. बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने एक बार फिर पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा सौंपा है और पार्टी से इसे स्वीकार करने का आग्रह किया है, क्योंकि उनका पिछला इस्तीफा अस्वीकार कर दिया गया था. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.
उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए अत्यंत भावुक करने वाला था कि पार्टी ने मेरे त्यागपत्र को तुरंत स्वीकार करने से इंकार कर दिया और मुझसे अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया. लेकिन दीर्घ विचार-विमर्श और गंभीर मनन के बाद, मैंने अंतिम निर्णय लिया है कि मैं राष्ट्रीय प्रवक्ता के अपने पद और बीजेपी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होने का निर्णय लेना चाहता हूं.
मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, परंतु विचार और व्यक्ति नहीं."
पूनावाला ने इस्तीफे की चिट्ठी शेयर करते हुए कहा, ''पिछले कुछ दिनों की घटनाओं, जिन व्यक्तियों के बारे में मैंने आपको विस्तार से बताया है, ने मुझे अपने पूर्व निर्णय पर दृढ़ रहने के लिए बाध्य किया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष जैसे वरिष्ठ नेताओं के प्रति बिना किसी आहत भाव के, केवल कृतज्ञता, प्रेम, स्नेह और उच्चतम सम्मान के साथ, मैं अपनी और से, पार्टी द्वारा पिछले पाँच वर्षों में मुझे दिए गए मंच और अवसरों के लिए एक बार फिर धन्यवाद देता हूं.''
शहजाद पूनावाला ने कहा, ''जैसा कि मैंने पहले कहा था, अत्यावश्यक आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण, मैं निजी क्षेत्र में प्रवेश करूंगा, लेकिन जहाँ भी संभव होगा और चाहे जिस भी स्वरूप में संभव हो, मैं प्रधानमंत्री मोदी जी और भाजपा के दृष्टिकोण और कार्यों का समर्थन करता रहूँगा. मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, परंतु विचार और व्यक्ति नहीं.''
पूनावाला ने साल 2017 में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और बीजेपी में शामिल हो गए थे. इसके बाद से वो लगातार टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखते थे. हालांकि अब उन्होंने बीजेपी छोड़ने का ऐलान किया है.
पूनावाला ने अपने पत्र में क्या कहा?
पूनावाला ने अपने इस्तीफे को लेकर लिखे पत्र में कहा, "कृपया इस पत्र को 30 जुलाई 2026 के मेरे पिछले पत्र के सिलसिले में पढ़ें, जिसमें मैंने जरूरी आर्थिक और निजी हालात की वजह से बीजेपी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से बिना किसी शर्त के इस्तीफा देने की पेशकश की थी."
उन्होंने लिखा, "यह बहुत भावुक करने वाला था और मैं सचमुच आभारी हूं कि पार्टी ने मेरा इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं किया और मुझसे इस फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया, लेकिन काफी सोच-विचार के बाद मैंने यह अंतिम निर्णय किया है कि मैं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद और सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होने का आग्रह करना चाहता हूं. मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, परंतु विचार और व्यक्ति नहीं."