नई दिल्ली. भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment )ने नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल को सशक्त बनाने के लिए पोर्टर और गिगिन टेक्नोलॉजीज के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया की मौजूदगी में हुए इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य डिजिटल जॉब मैचिंग को मजबूत करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलना है। इस साझेदारी के तहत लॉजिस्टिक्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी पोर्टर से साल 2030 तक 30 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है, जो विशेष रूप से ड्राइविंग और शहरी लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में होंगे।
वहीं, गिगिन टेक्नोलॉजीज हर साल 2 से 3 लाख वेरिफाइड नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराएगी, जिससे NCS पोर्टल पर एम्प्लॉयर्स का दायरा और बढ़ेगा। वर्तमान में इस पोर्टल पर 7 लाख से ज्यादा सक्रिय वैकेंसी मौजूद हैं और लगभग 59 लाख संस्थान पहले से ही रजिस्टर्ड हैं। मंत्री मंडाविया ने एनसीएस प्लेटफॉर्म को युवाओं के लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ बताते हुए इसे e-Migrate और My Bharat जैसे अन्य सरकारी प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकृत करने पर जोर दिया है, ताकि इसकी पहुंच और प्रभाव को और व्यापक बनाया जा सके।
कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए मंत्री ने दोनों कंपनियों को सुझाव दिया कि वे युवाओं के लिए विशेष सॉफ्ट स्किल्स और कम अवधि वाले ट्रेनिंग कोर्स डिजाइन करें। ये कोर्स इंडस्ट्री की वर्तमान मांगों के आधार पर होने चाहिए ताकि स्किल गैप को भरा जा सके और युवाओं की नौकरी पाने की क्षमता में सुधार हो। गिगिन जैसी कंपनियां अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वेरिफिकेशन इंटेलिजेंस तकनीक के जरिए यह सुनिश्चित करेंगी कि युवाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित रोजगार मिले, जिससे भारत का जॉब मार्केट अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनेगा।