दिल्ली एनसीआर का अफॉर्डेबल रियलिटी मार्केट जोरदार तरीके से वापसी करने के संकेत दिखा रहा है। कोरोना महामारी की वजह से रियल एस्टेट सेक्टर में जहां नरमी है वही सस्ते घर वाले सेगमेंट में तेजी की उम्मीद बन रही है। रियल एस्टेट कंसलटेंट और उद्योग जगत के जानकारों ने कहा है कि इस साल के आखिर तक दिल्ली एनसीआर में 50,000 से अधिक सस्ते घर उपलब्ध हो सकते हैं। इनमें से एक तिहाई या करीब 16000 सस्ते घर सिर्फ गुरुग्राम में उपलब्ध हो सकते हैं।
सस्ते घर के लिए लाइसेंस
इस समय दिल्ली एनसीआर में 40 लाख रुपये से कम कीमत के 1.8 लाख घर बनाए जा रहे हैं। अगर बात हरियाणा की करें तो टाउन एवं कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा साल 2014 से 110 अफॉर्डेबल हाउसिंग लाइसेंस दिए जा चुके हैं। इनमें ज्यादातर लाइसेंस गुरुग्राम और सोहना जैसे इलाकों के लिए दिए गए हैं। इनमें से करीब 80000 यूनिट की बिक्री हो चुकी है जबकि 22000 घरों की अब तक डिलीवरी हो चुकी है।
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साल के अंत तक कंप्लीशन
उद्योग जगत के जानकारों का कहना है कि अब जब बाजार खुल रहे हैं और कारोबार पटरी पर लौट रहा है, रियल एस्टेट मार्केट के भी पटरी पर लौटने की उम्मीद बन रही है। एनारोक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि दिल्ली एनसीआर में साल 2021 में 1.6 लाख घर कंप्लीशन के लिए तैयार हो सकते हैं। उन्होंने कहा, "इनमें से 43घर सस्ते कैटेगरी के हैं, 39 फीसदी मिड सेगमेंट के हैं, जबकि 13 फीसदी प्रीमियम सेगमेंट के हैं। इनमें से सिर्फ पांच फीसदी लग्जरी सेगमेंट के घर हैं।
गुरुग्राम का हुआ विस्तार
सिगनेचर ग्लोबल ग्रुप के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल भी इस बात से सहमत हैं। उन्होंने कहा, "एमजी रोड और साइबर सिटी जैसे इलाके में तेज ग्रोथ की वजह से न्यू गुड़गांव, सदर्न पेरिफेरल रोड और सोहना जैसे इलाके में रियल एस्टेट डेवलपमेंट किए जा रहे हैं। सरकार सस्ते घरों की योजना को बढ़ावा देना चाहती है और गुरुग्राम के इस इलाके में बन रहे घरों की कीमत ₹50 लाख से कम रखी गई है।