8 वें वेतन आयोग की मांग तेज : केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन और DA में तुरंत बढ़ोतरी का नया प्रपोजल

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दिल्‍ली. महंगाई के साथ सरकार की कमाई भी बढ़ रही है। ऐसे में केंद्र सरकार के 1 करोड़ से ज्‍यादा कर्मचारियों के लिए 8 वें वेतन आयोग की मांग तेज हो गई है। कर्मचारी चाहते हैं कि उनके वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा की जाए। 

नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड, जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी फॉर सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने सरकार से 8वां वेतन आयोग (सीपीसी) जल्द से जल्द गठित करने की गुजार‍िश की है। उन्‍होंने कहा है कि कोरोना महामारी के बाद से सरकारी कमाई और महंगाई दोनों में काफी बढ़ोतरी हुई है। 

इससे महंगाई भत्ता (डीए) और जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आखिरी वेतन संशोधन 2016 में हुआ था। तब से महंगाई ने कर्मचारियों और पेंशनर की क्रय शक्ति को काफी कम कर दिया है।

वेतन आयोग क्‍या होता है?

वेतन आयोग सरकार की ओर से नियुक्त एक बॉडी होती है। यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों और लाभों की समीक्षा करती है। फिर उनमें बदलाव की सिफारिश करती है। आमतौर पर हर 10 साल में यह आयोग बैठक करता है। यह आयोग महंगाई जैसे फैक्‍टरों का आकलन करता है। 28 फरवरी, 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 7वें वेतन आयोग का गठन किया था। इस आयोग ने 19 नवंबर, 2015 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसकी सिफारिशों को 1 जनवरी, 2016 से लागू किया गया था।

8 वें वेतन आयोग का गठन कब?

अब सबकी निगाहें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। अनुमान है कि इसका गठन 1 जनवरी, 2026 तक हो जाएगा। यह पिछले आयोग के 10 साल बाद होगा। केंद्र की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन, 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद मोदी सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के साथ ही 1 करोड़ से ज्‍यादा केंद्रीय कर्मचारियों में आठवें वेतन आयोग को लेकर काफी उत्सुकता है।

साभार : नवभारत टाइम्‍स

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