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दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार, तिहाड़ जेल भेजे गए

दिल्ली Published by: paliwalwani Updated Thu, 02 Apr 2026 10:26 AM
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दिल्ली. मध्यप्रदेश की राजनीति में कांग्रेस को  बड़ा झटका. दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने दोषी ठहरा दिया है. कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती पर दतिया भूमि एवं कृषि विकास बैंक के अध्यक्ष रहते वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा था.

मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भृष्टाचार के मामले में दोषी पाया गया है. दिल्ली की एमपीएम एलए कोर्ट ने भारती को भ्रष्टाचार के केस में दोषी पाया है. उन पर दतिया भूमि एवं कृषि विकास बैंक के अध्यक्ष रहते वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा था. वहीं अब गुरुवार को सजा का ऐलान किया जाएगा.

वहीं बुधवार को सुनाए गए इस महत्वपूर्ण फैसले में न्यायालय ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी माना. फैसले के बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें तिहाड़ जेल भेजने के निर्देश दिए. इस निर्णय को प्रदेश की राजनीति में एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है.

कोर्ट ने कहा कि राजेंद्र भारती ने साजिश रचकर बैंक से जुड़े काम में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया. इसी वजह से कोर्ट ने उन्हें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में दोषी माना. अदालत ने उन्हें आईपीसी की धारा 120B (आपराधिक साजिश) के साथ धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 और 471 (फर्जी दस्तावेज बनाना और इस्तेमाल करना) के तहत दोषी ठहराया है.

तिहाड़ जेल भेजा गया

जानकारी के अनुसार, यह मामला भूमि विकास बैंक से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोपों से संबंधित है, जिसकी सुनवाई दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी. लंबे समय से लंबित इस प्रकरण में अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विधायक राजेंद्र भारती को दोषी ठहराया. फैसले के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर तिहाड़ जेल भेज दिया गया है.

करीब 25 साल पुराने बैंक घोटाले मामले में दिल्ली की विशेष MP/MLA कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें दोषी मानते हुए तिहाड़ जेल भेज दिया है. सजा की अवधि का ऐलान कोर्ट कल करेगी.

क्या है पूरा मामला?

  • मामला जिला सहकारी कृषि ग्रामीण बैंक दतिया से जुड़ा है.
  • आरोप है कि बैंक अध्यक्ष रहते हुए भारती ने फर्जी दस्तावेज और कागजों में हेरफेर (टैम्परिंग) कर FD में गड़बड़ी की.
  • नियमों के विरुद्ध जाकर लगातार ऊंची ब्याज दर (13.5) का फायदा उठाया.
  • FD की अवधि को अवैध रूप से बढ़ाकर बैंक को लाखों का नुकसान पहुंचाया.

किन धाराओं में केस?

  • अदालत ने मामले में IPC की गंभीर धाराओं के तहत दोषी माना.
  • 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (फर्जी दस्तावेज), 409 (आपराधिक विश्वासघात), 120B (षड्यंत्र).

कोर्ट का रुख

  • हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से पहले ही राहत नहीं मिली थी.
  • मामला ट्रांसफर होकर दिल्ली की विशेष अदालत में चला.
  • अब कोर्ट ने साफ किया—प्रथम दृष्टया नहीं, बल्कि ठोस आधार पर दोष सिद्ध.
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