भोपाल. मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लेकर कर्मचारियों, युवाओं और सामाजिक योजनाओं से जुड़े वर्गों को राहत और अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भोपाल में आयोजित इस बैठक में प्रदेश के विकास, रोजगार और कल्याण से जुड़े करीब 20 महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा हुई।
मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी खबर महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि की रही। सातवें वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों के डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के बाद उनका महंगाई भत्ता बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी को 1 जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी। कर्मचारियों को एरियर का भी दी गई है। पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत में भी 3की वृद्धि का निर्णय लिया गया है, जिससे उनकी आय से सुधार होगा।
दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित संस्थानों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब तक 9 हजार रुपए प्रतिमाह पाने वाले इन शिक्षकों का मानदेय बढाकर 18 हजार रुपए कर दिया जाएगा। इस निर्णय से शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत हजारों शिक्षाओं को सीधा लाभ मिलेगा और उनके कार्य के प्रति प्रोत्साहन भी बढ़ेगा।
कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि बैठक में कुल 20 एजेंडों पर चर्चा की गई। सरकार का मुख्य फोकस युवाओं को अवसर देना, किसानों और गरीब वर्ग का उत्थान करना और प्रदेश में निवेश बढ़ाना है।
मोहन सरकार ने ओबीसी वर्ग के युवाओं के लिए एक नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया। शौर्य संकल्प प्रशिक्षण 2026 के तहत 12वीं पास छात्र-छात्राओं को आर्मी, पार्लियामेंट्री फाॅर्स, पुलिस और होमगार्ड भर्ती के लिए तैयार किया जाएगा। इन्हे 45 दिनों का फ्री ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम राज्य के 10 संभागीय मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी। इन युवाओं को ट्रेनिंग के दौरान आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। इसमें लड़कों को एक हजार और लड़कियों को 1100 रुपए की स्टाइपेंड दिया जाएगा।