सूर्यदेव और शनिदेव दोनों ही ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह माने गए हैं. जल्द ही सूर्यदेव और शनिदेव युति बनाने वाले वाले हैं, लेकिन कुछ राशियों के जातकों के लिए सूर्यदेव और शनिदेव की युति बहुत बुरे परिणाम दे सकती है. आइए जानते हैं कि वो कौनसी राशियां हैं.
वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य आत्मबल, सत्ता और अहं के प्रतिनिधि ग्रह हैं, जबकि शनि कर्म, अनुशासन और न्याय के स्वामी ग्रह हैं. पौराणिक कथाओं में इन दोनों ग्रहों के बीच मतभेद और वैचारिक असहमति का उल्लेख है. यही कारण है जब सूर्य और शनि आमने-सामने होते हैं, तो व्यक्ति के जीवन में संघर्ष, विलंब और चुनौतियां बढ़ सकती हैं. इसी कारण ज्योतिष शास्त्र में सूर्य-शनि के संबंध को पिता-पुत्र की शत्रुता कहा गया है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 मार्च, 2026 को इस साल की तीसरी सूर्य संक्रांति है, जब सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. इस राशि में सूर्यपुत्र शनि पहले से विराजमान है, जिससे राशि में उनकी और सूर्य की युति होगी. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते हैं, शनि से सूर्य का मिलन इस साल एक बेहद महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है, जिसका सभी राशियों पर सीधा प्रभाव डालेगा. आइए जानते हैं, मेष से लेकर मीन तक किस राशि पर होगा कैसा सकारात्मक या नकारात्मक असर और चेक करें आपका राशिफल क्या है?
सूर्य-शनि की युति मेष राशि वालों के लिए मानसिक दबाव बढ़ा सकती है. कामकाज में मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, लेकिन परिणाम धीरे मिलेंगे. वरिष्ठों से मतभेद संभव हैं, इसलिए संयम जरूरी है. खर्चों पर नियंत्रण रखें और स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें. ध्यान और नियमित व्यायाम तनाव कम करने में सहायक रहेगा.
इस युति से वृषभ राशि वालों को करियर में नए अवसर मिल सकते हैं. जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, लेकिन मेहनत रंग लाएगी. मित्रों से सहयोग मिलेगा. हालांकि अहंकार के कारण रिश्तों में दूरी आ सकती है, इसलिए व्यवहार में संतुलन रखें. धन संबंधी निर्णय व्यावहारिक सोच के साथ लें.
मिथुन राशि के लिए यह समय उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. कार्यक्षेत्र में बदलाव के संकेत हैं. यात्रा के योग बन सकते हैं, लेकिन देरी संभव है. निर्णय सोच-समझकर लें. वाणी पर नियंत्रण रखना लाभकारी रहेगा. नई योजनाओं की शुरुआत फिलहाल टालना बेहतर होगा.
कर्क राशि वालों के लिए सूर्य-शनि युति भावनात्मक तनाव बढ़ा सकती है. पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी. कार्यों में रुकावट आ सकती है, लेकिन धैर्य से समाधान मिलेगा. स्वास्थ्य और नींद का विशेष ध्यान रखें. परिवार के वरिष्ठ सदस्यों की सलाह काम आ सकती है.
सिंह राशि के लिए यह युति रिश्तों की परीक्षा ले सकती है. दांपत्य जीवन में मतभेद संभव हैं. कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. अहंकार छोड़कर सहयोग की भावना अपनाने से स्थितियां सुधरेंगी. नेतृत्व क्षमता सही दिशा में उपयोग करने से लाभ होगा.
कन्या राशि वालों को इस युति से काम में स्थिरता मिल सकती है. मेहनत का फल देर से लेकिन स्थायी होगा. स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना जरूरी है. दिनचर्या में अनुशासन लाभ देगा. लापरवाही से बने काम बिगड़ सकते हैं, सतर्क रहें.’
तुला राशि के लिए यह समय रचनात्मकता बढ़ाने वाला है. प्रेम संबंधों में सावधानी रखें. संतान से जुड़ी चिंता हो सकती है. निवेश से पहले अच्छी तरह सोच लें. धैर्य से फैसले लें. कला और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है.
वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य-शनि युति घरेलू जीवन में बदलाव ला सकती है. स्थान परिवर्तन या संपत्ति से जुड़े मामले सामने आ सकते हैं. भावनाओं में बहने से बचें. संतुलित सोच सफलता दिलाएगी. पुराने विवाद सुलझाने का अवसर मिल सकता है.
धनु राशि के लिए यह युति साहस और परिश्रम बढ़ाएगी. भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा. कार्यों में रुकावट के बाद सफलता मिलेगी. जल्दबाजी से बचें और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें. नई सीख और अनुभव भविष्य में लाभ देंगे.
मकर राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है. खर्च बढ़ सकते हैं. आय के नए स्रोत बनेंगे, लेकिन मेहनत अधिक करनी पड़ेगी. आत्मविश्वास बनाए रखें और नियमों का पालन करें. दीर्घकालिक निवेश के लिए समय अनुकूल रह सकता है.
कुंभ राशि में सूर्य-शनि की युति जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है. आत्मविश्लेषण का समय है. निर्णयों का असर लंबे समय तक रहेगा. स्वास्थ्य और व्यवहार दोनों में संतुलन जरूरी है. पुराने लक्ष्यों पर दोबारा काम करने का मौका मिलेगा.
मीन राशि वालों के लिए यह युति आंतरिक संघर्ष बढ़ा सकती है. अनावश्यक चिंताएं परेशान कर सकती हैं. आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा. धैर्य और सकारात्मक सोच से स्थितियां बेहतर होंगी. सेवा और परोपकार से मानसिक शांति मिलेगी.