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रुद्राक्ष : तो जान लें ये जरूरी बातें, वरना पड़ सकता है भारी

ज्योतिषी Published by: indoremeripehchan.in Updated Wed, 11 Mar 2026 01:39 AM
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  • रुद्राक्ष को कभी भी काले धागे में धारण नहीं करना चाहिए।
  • कभी भी 27 दानों से कम की रुद्राक्ष माला न बनवाएं।

रुद्राक्ष भगवान शिव को अति प्रिय है।  ऐसा कहा जाता है कि रुद्राक्ष धारण करने वाले लोगों पर शिव जी की विशेष कृपा बनी रहती है। इसलिए शिव जी के भक्त हमेशा अपने शरीर पर इसे धारण किए रहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष भगवान शिव के आंसुओं से बना है। वैसे आपको बता दें कि रुद्राक्ष धारण करने से सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। 

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रुद्राक्ष एक मुखी से लेकर इक्कीस मुखी तक पाए जाते हैं। इन सभी रुद्राक्ष की अपनी एक अलग महिमा होती है। कहा जाता है कि इसे धारण करने से जातकों के कष्ट दूर होते हैं साथ ही ग्रहों की अशुभता से भी मुक्ति मिलती है। लेकिन, चमत्कारी रुद्राक्ष को धारण करने से पहले इससे जुड़े नियमों को जानना बेहद ही जरूरी होता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि रुद्राक्ष पहनने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। 

आइए जानते हैं। 

  • रुद्राक्ष को कभी भी काले धागे में धारण नहीं करना चाहिए। इसे लाल या पीले धागे में ही धारण करें। आप चाहें तो इसे चांदी, सोना या तांबे में भी धारण कर सकते हैं।
  • रुद्राक्ष धारण करते समय शिव जी के मंत्र ऊं नमः शिवाय का जाप करना न भूलें। 
  • रुद्राक्ष बेहद ही पवित्र माना जाता है इसलिए इसे कभी भी अपवित्र होकर धारण न करें साथ ही अशुद्ध हाथों से न छुएं। इसे स्नान करने के बाद शुद्ध होकर ही धारण करें।
  • भूलकर भी किसी दूसरे को अपना रुद्राक्ष धारण करने के लिए नहीं दें। 
  • रुद्राक्ष को हमेशा विषम संख्या में ही धारण करें।
  • इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी 27 दानों से कम की रुद्राक्ष माला न बनवाएं। इससे शिवदोष लगता है।
  • अगर आपने रुद्राक्ष धारण किया है तो आपको मांस, मदिरा या अन्य किसी भी प्रकार से नशीली चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।

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● Disclaimer :इस लेख में दी गई ज्योतिष जानकारियां और सूचनाएं लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं. इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं. पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. पालीवाल वाणी इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले इससे संबंधित पंडित ज्योतिषी से संपर्क करें तथा चिकित्सा अथवा अन्य नीजि संबंधित जानकारी के लिए अपने नीजि डॉक्टरों से परार्मश जरूर लीजिए. पालीवाल वाणी तथा पालीवाल वाणी मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है.
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