पितृ पक्ष में राशि के अनुसार करें इन चीजों का दान : पितरों का मिलेगा विशेष आशीर्वाद

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पितृ पक्ष में राशि अनुसार दान का की सामग्री जानें. 27 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक पूर्वजों को प्रसन्न करने के किन लिए करें यह उपाय और पाएं उनका आशीर्वाद.

  • Pitru Paksha Rashi Anusar Daan : पंचांग के अनुसार, 27 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक पितृ पक्ष है. इस दौरान पूर्वजों के लिए श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) किए जाएंगे. गरुड़ पुराण के अनुसार, पितृ पक्ष में पूर्वजों के लिए श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान) करने से उनकी आत्मा तृप्त यानी संतुष्ट होती है. पितृ पक्ष में दान करने से भी पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ऐसे में पितृ पक्ष में राशि के अनुसार किन चीजों का दान करना अच्छा रहेगा, ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय से जानिए.

राशि अनुसार पितृ पक्ष में क्या दान करें?

मेष राशि- पितृ पक्ष में गुड़ और गेहूं का दान करने के साथ-साथ गाय की सेवा करें.

वृषभ राशि- पितृ पक्ष के दौरान दूध, चावल और सफेद कपड़े का दान करें. साथ ही जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं.

मिथुन राशि- पितरों की विशेष कृपा पाने के लिए हरे मूंग की दाल, हरे कपड़े, किताबों का दान करें.

कर्क राशि- पितृ पक्ष में पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए चावल, दूध और सफेद तिल का दान करें.

सिंह राशि- पितृ पक्ष में गेहूं, गुड़ और तांबे के पात्र (बर्तन) का दान करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होगा.

कन्या राशि- पितृ पक्ष में हरे रंग का वस्त्र, सब्जी, हरी मूंग या अनाज का दान करने से पूर्वज प्रसन्न होंगे.

तुला राशि- पूर्वजों की कृपा पाने के लिए पितृ पक्ष में सफेद वस्त्र (कपड़ा) चावल, मिश्री आदि का दान करें.

वृश्चिक राशि- पितृ पक्ष में सामर्थ्य के अनुसार मसूर दाल, गुड़ और वस्त्र का दान करें.

धनु राशि- पितृ पक्ष में हल्दी, चना दाल और पीले रंग के वस्त्रों का दान करें. पूर्वजों की कृपा होगी.

मकर राशि- पितृ पक्ष में काला छाता, काला जूता, काले तिल, उड़द की दाल का दान करें.

कुंभ राशि- पितृ पक्ष में शनिवार को सरसों का तेल और काले तिल किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान स्वरूप दें.

मीन राशि- पितृ देव की कृपा पाने के लिए पितृ पक्ष में चने की दाल, पीले कपड़े और केले का दान करें.

पितृ पक्ष में दान से जुड़े नियम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में दान करते वक्त मन में अहंकार नहीं लाना चाहिए. अहंकार में किया गया दान पुण्य फल नहीं देता.

पितृ पक्ष में किए गए दान का बखान दूसरों के सामने नहीं करना चाहिए. धर्म ग्रंथ गीता के अनुसार सही समय, सही स्थान और योग्य व्यक्ति को ही दान करना चाहिए. पितृ पक्ष कब से कब तक है

पंचांग के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा पर ऋषि तर्पण के साथ ही पितृ पक्ष का आरंभ हो चुका है. 27 सितंबर (आश्विन कृष्ण प्रतिपदा) से 10 अक्टूबर सर्वपितृ अमावस्या तक पितृ पक्ष है. इस दौरान पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान और दान कर्म किए जाएंगे.

By दीपेश कुमार ठाकुर

दीपेश कुमार ठाकुर प्रभात खबर डिजिटल में धर्म और राशिफल सेक्शन लीड के तौर पर सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें लंबे समय का अनुभव है. वह धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, हस्तरेखा शास्त्र और न्यूमेरोलॉजी से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं.

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