...सर जी, सदमें में हैं। बेहद ग़ुस्से में भी औऱ सन्ताप में भी। सर, जी दावा करते थे कि उनके दल के नेताओ को ईडी-फ़िडी-सीडी डरा नही सकती। न हमारे नेता बिक़ते हैं, न झुकते। सर, जी का सारा दम्भ कल एकाएक चूर चूर हो गया। पार्टी के कुल जमा 10 सांसदों में से एकमुश्त 7 ने सर जी को ठेंगा दिखा दिया औऱ सर जी की सबसे बड़ी दुश्मन पार्टी भाजपा का दामन थाम लिया। कमलदल का साथ होते ही आम आदमी पार्टी के सांसद रातों रात ख़ास हो गए।
कहां तो सर जी का दल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव की मैराथन तैयारी कर रहें थे और कहां उनके विरोधी दल ने, उनकी ही झाड़ू से, उनका ही आंगन बुहार दिया। चुनाव के मुहाने पर ' झाड़ू ' का तिनका तिनका बिखर गया। बिखरा भी ऐसा है कि वह अब समेटा न जा सकेगा। बावजूद इसके सर जी ने हिम्मत न हारी हैं। वे राज्यसभा के मुखिया से ' पीठ में छुरा घोपने ' वाले सांसदों की सदस्यता रद्द करने को लेकर चिट्ठी पत्र लिखने बैठ गए हैं। लेकिन वे भूल गए कि 'पढ़े-लिखों ' की पार्टी के सांसद राजनीति के नियम क़ायदों को ठोक बजाकर ही पाला बदले हैं।
आम आदमी पार्टी को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। राघव चड्डा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक सहित 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी। चड्डा ने कहां कि आम आदमी पार्टी के दो तिहाई सांसदों के समूह ने भाजपा में विलय कर लिया हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राघव की अगुवाई में हुई इस बग़ावत को हाथों हाथ लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीनों सांसदों के स्वागत वंदन अभिनंदन की पोस्ट की और बाद में इन नेताओं से प्रत्यक्ष मिलकर मुंह भी मीठा करवा दिया।
भाजपा अध्यक्ष ने आप के अन्य सांसद हरभजनसिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी औऱ राजेंद्र गुप्ता को पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में काम करने के लिए शुभकामनाएं भी दी। आप नेताओं में भाजपा पर ऑपरेशन लोट्स का आरोप लगाते हुए कहां कि यह पंजाब सरकार का कामकाज रोकने की साज़िश हैं। इसके पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में चड्डा ने कहा कि आम आदमी पार्टी सिद्धान्तों से भटक गई।
पार्टी अब देश के लिए नही, निजी हितों के लिए काम कर रही हैं। कुछ वर्षों से महसूस हो रहा था कि में ग़लत पार्टी में सही व्यक्ति हु। आज ' आप ' से अलग होकर जनता के साथ काम करने की घोषणा करता हूं। चड्डा ने कहा कि भाजपा में विलय के लिए सातों सांसदों के हस्ताक्षर वाले पत्र व अन्य जरूरी दस्तावेज राज्यसभा के सभापति को सोपे जा चुके हैं।
शेष 4 सांसद खुलकर सामने नही आये हैं। लेक़िन स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया पर आप छोड़ने की घोषणा की। केजरीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को पंजाब के साथ धोखा करार दिया हैं। केजरीवाल को बड़ा झटका अशोक मित्तल के भी पाला बदलने से हुआ हैं। मित्तल लवली यूनिवर्सिटी के मालिक व चांसलर भी है और उन्हें राघव चड्डा की जगह राज्यसभा में उपनेता पद का दायित्व बड़े भरोसे से दिया था। अभी हाल ही में मित्तल के कामकाजी ठिकानों पर ईडी के छापे पड़े थे। बताते है कि अभी छापा पड़े 10 दिन ही बीते थे कि मित्तल भाजपाई हो गए।
दिल्ली की हार से उबरने के लिए आप इन दिनों गुजरात मे पांव जमाने व पंजाब में सत्ता बचाने की जी जान से लगी हुई थी। इसी बीच पार्टी इतिहास की सबसे बड़ी टूट हो गई। जबकि पंजाब चुनाव में अब 10 माह भी नही बचे। पार्टी से अलग हुए 10 सांसदों में से 7 पंजाब व 3 दिल्ली से है। पार्टी छोड़ने वाले 7 में से 6 सांसद पंजाब के हैं।
ये इसलिए बड़ा झटका माना जा रहा हैं। अब आम आदमी पार्टी के खाते में संजय सिंह एनडी गुप्ता व बलबीर सिंह सीचेवाल बचे है। इस पूरे खेल का आगाज़ उसी दिन हो गया था, जब राघव चड्डा को केजरीवाल ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाया था। ऑपरेशन लोट्स के अगुवाकर हर बार की तरह भाजपा के मोटाभाई यानी गृहमंत्री अमित शाह रहें।
हालांकि इन दिनों वे पश्चिम बंगाल के चुनावों में मशरूफ़ हैं लेकिन वही से बेठकर उन्होंने पंजाब में बड़ा खेला कर दिया। केजरीवाल को रत्तीभर भी इल्म नही होने दिया कि उनकी पार्टी के दो तिहाई सांसद साथ छोड़ जाएंगे। वे राघव चड्डा से इतर देख नही पाए। जबकि शाह ने दो तिहाई सांसदों का आंकड़ा जुटाकर आप से अलग हुए सांसदों को दलबदल कानून से भी एक तरह बचा लिया। भाजपा में आप के 7 सांसदों के विलय से राज्यसभा में कमलदल की ताक़त औऱ बढ़ जाएगी।