करवाचौथ करवाती है परंपराओं का एहसास

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मध्य भारत की ख्यातनम डॉक्टर व वकील की जोड़ी बता रहीं हैं. अपने करवाचौथ के ख़ास अनुभवों को. हाई कोर्ट एडवोकेट तनुज दीक्षित व उनकी पत्नी डेंटल सर्जन डॉ. चेतना दीक्षित अपने करवाचौथ के दिन के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक है.

डॉ. चेतना ने पालीवाल वाणी को बताया कि विशेष रूप से इस त्यौहार पर बहुत सारी चीजें ख़रीदने, मेहंदी लगवाने, दुल्हन की तरह सजना सवरना, तैयार होना एक नई ऊर्जा व दांपत्य जीवन में प्यार का भाव बताता हैं. 

वही अधिवक्ता तनुज दीक्षित ने बताया की पति पत्नी का रिश्ता प्रेम और विश्वास के बंधन से बंधा होता है. परन्तु बिटिया धनिष्का के बाद करवा चौथ का अलग ही महत्व है. ऐसे में य़ह पर्व एक दूसरे के प्रति निश्चल समर्पण, अटूट विश्वास और एक दूसरे की निष्ठा दर्शाता हैं. हमें पौराणिक हिंदू मान्यताओ के साथ इस पर्व को मानना चाहिए. 

डॉ. चेतना ने आगे बताया कि वे इसकी तैयारी कर रही थी, डिजाइनर मेहँदी, चुड़ै, डिजाइनर ज्वैलेरी और समेत संपूर्ण 16 श्रृंगार का ध्यान रखा हैं. हमेशा से निर्जला उपवास करती हूँ. वही तनुज दीक्षित ने बताया की शादी के बाद करवाचौथ पति पत्नी दोनों के लिए एक बड़ा पर्व है. आज के लिए हम दोनों का उत्साह बरकरार है. डॉ. चेतना के लिए मैने कहीं सारे सरप्राइस सोंचे है, जिससे इस दिन को यादगार बना सकें.

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