M. Ajnabee, Kishan paliwal
आमेट. उपखंड क्षेत्र के ग्राम जिलौला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में रविवार को संत रामपाल महाराज के अनुयायियों द्वारा एक भव्य आध्यात्मिक एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं,युवाओं एवं बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही!जिससे पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
कार्यक्रम के दौरान विशाल एलईडी स्क्रीन के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज का विशेष सत्संग प्रसारित किया गया। सत्संग में संत रामपाल जी महाराज ने पवित्र कुरान शरीफ, श्रीमद्भगवद्गीता, वेद, बाइबल तथा अन्य पवित्र धर्मग्रंथों के प्रमाणों के आधार पर आध्यात्मिक ज्ञान का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथ मानव कल्याण और सच्ची भक्ति का ही संदेश देते हैं। सच्चे सतगुरु से नामदीक्षा लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से मनुष्य जीवन सफल बन सकता है तथा मोक्ष की प्राप्ति संभव है।
समागम में समाज में फैली विभिन्न कुरीतियों जैसे नशाखोरी, दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या, जाति-पाति भेदभाव एवं सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संदेश दिया गया। संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने उपस्थित लोगों को नशा मुक्त भारत एवं दहेज मुक्त भारत बनाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी न तो दहेज लेते हैं और न ही दहेज देते हैं तथा सभी प्रकार के नशों से पूर्णतः दूर रहते हैं।
विद्यालय परिसर में एक विशेष आध्यात्मिक पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित विभिन्न आध्यात्मिक पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया। श्रद्धालुओं ने पुस्तकों का अवलोकन कर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। सेवादारों ने उपस्थित लोगों को पुस्तकों एवं सत्संग के माध्यम से मिलने वाले आध्यात्मिक लाभों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में श्रोताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को आध्यात्मिकता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी आवश्यकता है। संत रामपाल जी महाराज के सत्संगों के माध्यम से लोगों में सद्भावना, भाईचारा, मानवता और नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा मिल रही है। इससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने इस प्रकार के आध्यात्मिक एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ती है तथा युवाओं को सही दिशा मिलती है। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव एवं मानव कल्याण की प्रार्थना की।
इस अवसर पर संत रामपाल महाराज के अनुयायी एवं स्थानीय सेवादार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में अपना योगदान दिया।