Pitru Dosh indicates : पितृ दोष लगने का संकेत देता है घर में अपने आप उगा ये पौधा
कई बार होता है जब हमारे लाख मेहनत करने के बाद भी जीवन में सफलता नहीं मिलती। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है पितृदोष। तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक खास पौधे के बारे में। इसके बारे में कहा जाता है कि पर क्या आप जानते हैं कि यदि ये घर में अपने आप उग आए तो ये पितृदोष का संकेत माना जाता है। तो चलिए जानते हैं कौन सा है ये पौधा।
पीपल का पौधा पितृदोष का संकेत
कई बार हमें असफलता का कारण पता नहीं चलता और हम उसके कारणों का पता लगाते रह जाते हैं। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र में पीपल एक ऐसा पौधा है जो पितरों का रूप माना जाता हैं तो ऐसे में यदि आपके घर में भी ये पौधा बिना लगाए उग जाता है तो समझ जाइए। कि आपको पितृदोष के संकेत हो सकते हैं। तो इस कंडीशन में आपको अपने ज्योतिष से बात करके पितृदोष निवारण के उपाय जरूर करना चाहिए।
घर में पीपल का पेड़ होने से क्या होता है
ज्योतिष में घर में पीपल का पेड़ उगने से आपके जीवन में नकारात्मकता बढ़ती है। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को रोग घेरने लगते हैं। आर्थिक तंगी बढ़ने लगती है। साथ ही परिवार में अशांति आने लगती है।
घर में लगे पीपल का पेड़ क्या करना चाहिए
ज्योतिषाचार्य के अनुसार यदि घर में पीपल का पेड़ अपने आप उग जाता है तो उसे घर के अंदर नहीं रखना चाहिए। यदि जमीन में पीपल का पेड़ उग गया है तो गुरूवार के दिन उसकी पूजा करके हाथ जोड़कर भगवान से अनुमति लेकर अगरबत्ती लगाएं। यानि पहले प्रदशिक्षा करें, इसके बाद उसे उखाड़कर मंदिर में लगवा दें। यदि गमले में पीपल का पेड़ उग गया है तो पूजा करके उस गमले को किसी मंदिर या किसी ऐसे स्थान पर लगवा दें जहां उस पौधे की सेवा की जा सके।
पीपल का पेड़ किस दिन हटाना चाहिए
हिन्दू धर्म में पीपल के पेड़ को वृहस्पति ग्रह का प्रतीक माना जाता है। पीपल का पेड़ में भगवान श्रीकृष्ण का वास माना जाता है। इसलिए आप अगर घर में लगा पीपल का पेड़ हटाना चाहते हैं तो इसके लिए गुरूवार का दिन चुनना चाहिए।
पीपल का पेड़ घर में न लगाने का वैज्ञानिक कारण (Pipal ka Ped)
पीपल का पेड़ घर में न लगाने का धार्मिक कारण तो है ही साथ ही साथ इसे न लगाने के वैज्ञानिक कारण भी है। इसका वैज्ञानिक नाम फाइकस रिलीजिओसा है। इसके गुणों की बात करें तो ऑक्सीजन देने वाले पेड़ों में पीपल सबसे आगे है। पर इससे बड़ी बात ये है कि ये पीपल का पेड़ पूरे दिन में दो घंटे के लिए बड़ी मात्रा में कार्बन डाईऑक्साइड यानि सीओटू भी छोड़ता है। जो मनुष्य के लिए बेहद हानिकारक होता है। यही कारण है कि पुराणों में भी केवल सुबह और दोपहर में पीपल के पेड़ के पास जाने की बात कही गई है।
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