इंदौर में 29 संवेदनशील जगहें शांत परिक्षेत्र घोषित, मरीजों-स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए फैसला
Anil Bagora-Sunil Paliwal
इंदौर.
इंदौर में कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने जिले के 29 संवेदनशील स्थलों को शांत परिक्षेत्र घोषित किया है।
इनमें प्रमुख अस्पताल, मेडिकल संस्थान, स्कूल-कॉलेज और अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मरीजों, विद्यार्थियों और आम लोगों की सुविधा को देखते हुए शांत वातावरण बनाए रखने पर जोर रहेगा।
शांत परिक्षेत्र की सूची में एमवाय अस्पताल, जिला अस्पताल धार रोड, बॉम्बे हॉस्पिटल विजय नगर, सीएचएल अस्पताल एमआईजी, भंडारी हॉस्पिटल विजय नगर, अरविंदो हॉस्पिटल सांवेर रोड, मानसिक चिकित्सालय बाणगंगा, चोइथराम अस्पताल, गोकुलदास अस्पताल, चाचा नेहरू एवं डेंटल अस्पताल, यूनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, बीसीएम कोकिलाबेन हॉस्पिटल निपानिया, ईएसआईसी अस्पताल नंदानगर, एमटीएच हॉस्पिटल और अपोलो राजश्री हॉस्पिटल विजय नगर शामिल हैं।
इसके अलावा जुपिटर हॉस्पिटल तीन इमली, सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ढक्कनवाला कुआं, मेडिकेयर हॉस्पिटल और भगवती नर्सिंग होम तिलक नगर को भी शांत परिक्षेत्र में रखा गया है।
शैक्षणिक संस्थानों में जीजामाता गर्ल्स कॉलेज, गोविंदराम सक्सेरिया इंजीनियरिंग कॉलेज, होलकर साइंस कॉलेज, सत्य साईं स्कूल विजय नगर, न्यू गर्ल्स डिग्री कॉलेज, गुजराती कॉलेज और क्रिश्चियन कॉलेज शामिल हैं।
इसके अलावा तिलक नगर पब्लिक स्कूल, कृष्णा पब्लिक स्कूल और सरस्वती शिशु मंदिर तिलक नगर को भी शांत परिक्षेत्र घोषित किया गया है।
यूनिवर्सिटी कैंपस का क्षेत्र भी शामिल
खंडवा रोड पर भंवरकुआं से आईटी पार्क चौराहे तक का यूनिवर्सिटी कैंपस क्षेत्र भी इस सूची में शामिल किया गया है।
मरीजों और स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए फैसला
प्रशासन के मुताबिक, इन स्थानों के आसपास शांत और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना जरूरी है। खासतौर पर अस्पतालों में मरीजों और स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों को शोर से परेशानी न हो, इसलिए इन क्षेत्रों को शांत परिक्षेत्र की सूची में शामिल किया गया है।
पालीवाल वाणी WhatsApp चैनल से जुड़ें
ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ और समाज के सभी समाचार सबसे पहले अपने फोन पर पाएं।
संबंधित खबरें
सभी देखें →
पालीवाल समाज के दो युवा सितारे : श्री उत्कर्ष जोशी, श्री प्रखर जोशी ने कर दिया कारनामा-देश के लिए जीते पदक
दुनिया हमारी इच्छा से नहीं चलेगी, लेकिन हमारा आचरण कैसा होगा – यह निर्णय हमारे हाथ में : सुधासागर म.सा.