अखंड सौभाग्य, सुहाग की दीर्घायु और अटूट दांपत्य प्रेम का निर्जला व्रत। सायं चौथ माता पूजन एवं चंद्र दर्शन।
सभी त्योहारों की तिथियां, प्रदोष काल, स्थिर लग्न एवं निशिता काल मुहूर्त खगोलीय गणित पर आधारित हैं।
संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, रक्षा और वंश वृद्धि के लिए माताओं द्वारा निर्जला उपवास व सायं तारा दर्शन।
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
Dhanteras / Dhantrayodashi • कृष्ण त्रयोदशीआरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य दिवस और धन के देवता कुबेर का पूजन। बर्तन, सोना-चांदी की खरीदारी।
दीपावली (महालक्ष्मी पूजन)
Diwali / Lakshmi Puja • अमावस्याप्रकाश और समृद्धि का महापर्व। कार्तिक अमावस्या के प्रदोष काल व स्थिर वृषभ लग्न में महालक्ष्मी-गणेश पूजन एवं दीपदान।
नरक चतुर्दशी (रूप चौदस / छोटी दीपावली)
Narak Chaturdashi / Chhoti Diwali • कृष्ण चतुर्दशीअरुणोदय काल में अभ्यंग स्नान (उबटन), यमराज के निमित्त दीपदान और सौंदर्य प्राप्ति का पावन पर्व।
गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)
Govardhan Puja / Annakut • शुक्ल प्रतिपदाप्रकृति, पर्वत और गोवंश के प्रति कृतज्ञता का पर्व। भगवान श्री कृष्ण द्वारा इंद्र का मानमर्दन व गोवर्धन पर्वत धारण।
भाई दूज (यम द्वितीया)
Bhai Dooj / Yama Dwitiya • शुक्ल द्वितीयाभाई-बहन के अमर स्नेह का पावन पर्व। कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन यमुना स्नान, बहन के घर भोजन और तिलक।
छठ पूजा (सूर्य षष्ठी)
Chhath Puja / Surya Shashthi • शुक्ल षष्ठीचार दिवसीय महापर्व (नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य, उषा अर्घ्य)। संतान की दीर्घायु और आरोग्य हेतु अस्ताचलगामी व उदीयमान सूर्य को अर्घ्य।
तुलसी विवाह (द्वादशी तिथि)
Tulsi Vivah / Dwadashi • शुक्ल द्वादशीभगवान शालिग्राम और माता तुलसी का पावन वैवाहिक अनुष्ठान। कन्यादान के समान महापुण्य की प्राप्ति।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) - हिन्दू व्रत एवं त्योहार 2026
Ans. पालीवाल वाणी हिन्दू त्योहार कैलेंडर 2026 पर सभी प्रमुख पर्वों (दीपावली, होली, रक्षाबंधन, नवरात्रि, महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी आदि) की पंचांग सम्मत सटीक तिथियां और शुभ पूजा मुहूर्त दिए गए हैं।
Ans. जी हाँ, पृष्ठ के शीर्ष पर दिए गए 'आगामी त्योहार', 'सभी त्योहार' और 'संपन्न त्योहार' फिल्टर टैब का उपयोग करके आप आगामी पर्वों या पूरे वर्ष के त्योहारों को आसानी से देख सकते हैं।
Ans. संबंधित त्योहार कार्ड के नीचे 'संपूर्ण पूजा विधि, कथा व मुहूर्त पढ़ें' बटन पर क्लिक करके आप उस पर्व का विस्तृत पौराणिक इतिहास, पूजन सामग्री चेकलिस्ट, विशेष मंत्र एवं शुभ मुहूर्त तालिका पढ़ सकते हैं।
अस्वीकरण: हिन्दू त्योहारों एवं व्रतों की तिथियां पारंपरिक वैदिक पंचांग गणना एवं सूर्य-चंद्रमा की खगोलीय स्थिति पर आधारित हैं। स्थानीय सूर्योदय एवं उदया तिथि के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में 1 दिन का अंतर संभव हो सकता है।