पितृ पक्ष में संयुक्त चतुर्थी-पंचमी श्राद्ध पर गया जी के महात्म्य के साथ गीता पाठ एवं तर्पण अनुष्ठान का पांचवां दिन संपन्न

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उदयपुर. 30 सितम्बर 2026, राम मंदिर अयोध्या के महासचिव परम पूज्य स्वामी श्री गोविन्द गिरी महाराज की प्रेरणा से संचालित गीता परिवार उदयपुर द्वारा पितृ पक्ष में संयुक्त चतुर्थी-पंचमी श्राद्ध पर आज (30 /09/2026) बुधवार को पाँचवे दिन भी ओन लाइन गीता जी के पाँच अध्यायों का वाचन गीता व्रती संतोष दीदी के सानिध्य में क्रमश: अध्याय 2 -सांख्ययोग का वाचन देवेन्द्र श्रीमाली, अध्याय 7- ज्ञानविज्ञानयोग का गिरधारी लाल बारहठ, अध्याय 13 - क्षेत्रक्षेत्रज्ञविभागयोग का सम्पत लाल माहेश्वरी.

अध्याय 15-पुरुषोत्तमयोग का अरविंद जोशी

एवं अध्याय 18 -मोक्षसंन्यासयोग का वाचन लक्ष्मण कुँवर द्वारा किया गया। इनके अलावा डॉ कमल मेहरा, शोभा शर्मा,शालिनी कपूर, टीना राजपूत, सुशीला राजपुरोहित, सीमा कुमावत, राधा माहेश्वरी, डॉक्टर पूर्णिमा व्यास, हर्ष सिंह, सत्यनारायण शर्मा,।वंदना मुथा,उषा असावा, पुष्पा भट्ट,पद्मा आचार्य,दुर्गा कुंवर, सरस्वती माहेश्वरी, पुष्पा शर्मा, राज बन्ना, राधेश्याम माहेश्वरी, ऋतु चौहान, केसर देवी, सीताराम भाकर,पंडित बालूदास,शालू माथुर आदि साधक गीता पाठ एवं तर्पण अनुष्ठान मे शामिल थे। 

 उक्त 5 अध्यायों के वाचन के बाद स्वामी जी की परम शिष्या गीताव्रती संतोष दीदी नें गया जी के महात्म्य पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला और कहा कि गया (बिहार) स्थित श्री विष्णुपद मंदिर में विराजमान भगवान गदाधर (श्री विष्णु) के वास्तविक चरणचिह्न की पहचान के प्रमुख लक्षण एवं कहा कि पितृपक्ष मे गया जी में तर्पण से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है। 

श्राद्ध पक्ष मे गया जी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन परंपरा में यह तीर्थ 'पितृ तीर्थ' के रूप में सर्वोच्च है। यहाँ पितरों के निमित्त किया गया श्राद्ध और पिंडदान उन्हें सीधे विष्णुलोक व मोक्ष प्रदान करता है। मुख्य रूप से अंतःसलिला फल्गु नदी में स्नान-तर्पण, विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के चरण चिह्नों पर पिंडदान और अक्षयवट की छांव में अंतिम पिंडदान का विधान है। इसके साथ ही ब्रह्मकुंड, वैतरणी और सूर्यकुंड जैसे पवित्र जलाशय पितृ ऋण से मुक्ति दिलाते हैं। मान्यता है कि गया जी में विधि-विधान से तर्पण करने पर कुल की इक्कीस पीढ़ियों का उद्धार हो जाता है।

  कार्यक्रम के अंत में संतोष दीदी ने सभी साधकों का आभार व्यक्त किया एवं श्री मद भगवद्गीता जी की आरती लक्ष्मीनारायण दशोंरा नें की ओर संयोजक सम्पत लाल माहेश्वरी ने अधिक से अधिक गीता साधकों को इस ओन लाइन गीता जी पाठ एवं तर्पण अनुष्ठान से जुड़ने का आह्वान किया।

ऑनलाइन आयोजन का समय :

प्रतिदिन प्रातः 11:30 बजे से 12:30 बजे तक

संपर्क सूत्र: 8949902361

ऑनलाइन जुड़ने हेतु लिंक:

https://meet.google.com/drr-wzbw-xzu

विष्णु शंकर पालीवाल : गीता साधक, गीता परिवार उदयपुर!

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