मुंबई की चकाचौंध छोड़ मातृभूमि की पुकार पर लौटे प्रकाश प्रजापती : राजसमंद के नक्शे पर बामन टुकड़ा को चमकाने का लिया संकल्प

विज्ञापन

राजसमंद.

राजसमंद जिले की ग्राम पंचायत बामन टुकड़ा का आगामी सरपंच चुनाव अब महज एक पारंपरिक चुनावी मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह भ्रष्टाचार की जड़ों को हिला देने वाले एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। सरपंच पद के प्रत्याशी प्रकाश प्रजापति ने स्थानीय राजनीति के स्थापित गठजोड़ और सत्ताधारियों के खिलाफ अब तक का सबसे तीखा और साहसिक मोर्चा खोल दिया है।  उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी यह दावेदारी किसी पद या लालसा के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ एक सीधी जंग है। 

मुंबई में रहा,पर दिल मातृभूमि के लिए धड़कता रहा प्रकाश प्रजापति

अपनी जन्मभूमि के प्रति अगाध प्रेम को प्रकट करते हुए प्रकाश प्रजापति ने एक भावुक लेकिन बेहद मजबूत संदेश जनता के बीच रखा है। उन्होंने कहा जनता का दुख-दर्द और बेबसी मुझे मुंबई के सुख-आराम को छुड़वाकर मेरी जन्मभूमि वापस ले आया है। मैं भले ही सालों मुंबई में रहा, लेकिन मेरा दिल हमेशा अपनी इस मातृभूमि के लिए ही धड़कता रहा। 

मैं आज बामन टुकड़ा की इस पवित्र मिट्टी की कसम खाकर कहता हूँ कि यदि जनता ने मुझे एक बार मौका दिया, तो आने वाले समय में इस पंचायत का नाम पूरे राजसमंद जिले के नक्शे पर गर्व से चमका कर दिखाऊंगा

जनता के पैसों से खड़े हुए 'भ्रष्टाचार के महल' खुलेंगी फाइलें प्रकाश प्रजापति ने बेहद कड़े शब्दों में उन चेहरों को बेनकाब किया है जिन्होंने पंचायत को अपनी जागीर समझ रखा था उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा करते हुए कहा मेरी लड़ाई सरपंच पद की कुर्सी हासिल करने के लिए नहीं है। मेरी सीधी जंग उन रसुखदार भ्रष्ट चेहरों से है, जिन्होंने बामन टुकड़ा के बुनियादी विकास, सड़कों, नालियों और जन-कल्याण के लिए आए सरकारी बजट में सुनियोजित हेर-फेर की जनता के हक की गाढ़ी कमाई को डकारकर इन लोगों ने अपने आलीशान महल खड़े कर लिए हैं

प्रत्याशी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे पंचायत की कमान संभालते ही इन सभी घोटालों की फाइलें री दोबारा चालू करवाएंगे और उच्च स्तरीय जांच बैठाएंगे उन्होंने दो टूक लहजे में कहा कि उन्हें ऐसे भ्रष्टाचारियों और लुटेरों का एक भी वोट नहीं चाहिए, क्योंकि उनकी लड़ाई पूरी तरह से बामन टुकड़ा के आम और ईमानदार नागरिकों के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए है।

बंद कमरों की डीलिंग बंद, अब चौपाल से तय होगा गाँव का मुकद्दर

इस चुनावी जंग के बीच प्रकाश प्रजापति ने पंचायत को चलाने का एक पूरी तरह लोकतांत्रिक और पारदर्शी मॉडल जनता के सामने रखा है। 

उनके संकल्प पत्र के मुख्य बिंदु 

सच्चा जन-शासन: यदि जनता उन्हें चुनती है, तो यह किसी सरपंच का एकतरफा राज नहीं होगा, बल्कि सीधे जनता की सरकार होगी। गाँव के एक छोटे बच्चे से लेकर वयोवृद्ध बुजुर्ग तक की बात को प्रशासनिक स्तर पर पूरी तवज्जो दी जाएगी

खुली चौपाल में फैसले पंचायत के बंद कमरों में होने वाले भ्रष्टाचार और 'कमीशन के खेल' को पूरी तरह बंद किया जाएगा। विकास के जितने भी कार्य होंगे और जो भी बजट आएगा, उस पर अंतिम निर्णय गाँव की खुली चौपाल में सर्व-सहमति से जनता के बीच लिया जाएगा।

लक्ष्मी नारायण गौशाला का संकल्प विकास और जवाबदेही के साथ-साथ गाँव की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को पुनर्जीवित करते हुए पंचायत स्तर पर एक सर्वसुविधायुक्त 'श्री लक्ष्मी नारायण गौशाला' का निर्माण किया जाएगा यह कदम न सिर्फ बेसहारा गौ-वंश को आश्रय देगा, बल्कि आवारा पशुओं के कारण बर्बाद हो रही किसानों की फसलों को भी बचाएगा।

गाँव की समस्या का एक ही समाधान

  • राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुंबई से लौटकर अपनी मिट्टी की कसम खाने वाले प्रकाश प्रजापति के इस क्रांतिकारी और बेबाक रुख ने बामन टुकड़ा के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है
  • विकास, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खात्मे के इस मुख्य एजेंडे के साथ गाँव का युवा और आम तबका तेज़ी से लामबंद हो रहा है।
  • विज्ञप्ति के अंत में उन्होंने अपने मूल नारे को दोहराते हुए जनता से एकजुट होने की अपील की है—"गाँव की समस्या का एक ही समाधान, प्रकाश प्रजापति को दें अपना मतदान।"
विज्ञापन

और पढ़ें...

ये भी पढ़ें...

WhatsApp पर शेयर Facebook