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मैरिज हॉल एंड होटल में छापेमारी : 80 युवक-युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा

अन्य ख़बरे Published by: paliwalwani Updated Sun, 05 Apr 2026 11:38 AM
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बिहार.

बिहार के रोहतास जिले में एक मैरिज हॉल से 80 लड़के-लड़कियां आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए हैं. पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. मामला दावथ थाना क्षेत्र का है. यहां मालियाबाग स्थित एक मैरिज हॉल में 39 महिलाएं और 41 पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए. 

रविवार को पुलिस ने सभी 39 महिलाओं और 41 पुरुषों को कोर्ट में पेश किया. बिक्रमगंज के एसडीएम प्रभात कुमार की सूचना पर दावथ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

इस मामले में कुल 31 नाबालिग शामिल पाए गए हैं, जिनमें 18 लड़कियां और 13 लड़के हैं. नाबालिग लड़कियों के मामले को पॉक्सो एक्ट के तहत एडीजे-7 की अदालत में प्रस्तुत किया गया है, वहीं, नाबालिग लड़कों के मामले में 13 ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां वयस्क महिलाएं आपत्तिजनक स्थिति में मिलीं. एसडीपीओ सिंधु शेखर सिंह ने बताया कि सभी मामलों में अलग-अलग धाराओं के तहत पुलिस जांच कर रही है. 

पकड़े गए युवक-युवतियों में अधिकांश आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी हैं, और इनमें कई स्कूल और कॉलेज की छात्राएं भी शामिल हैं. मामले में नाबालिग लड़कियों को मेडिकल जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि किसी संभावित नेटवर्क या अन्य अवैध गतिविधियों का खुलासा किया जा सके. 

शुक्रवार को बिक्रमगंज के एसडीएम के नेतृत्व में दावथ थाना क्षेत्र के मालियाबाग स्थित प्रकाश मैरिज हॉल एंड होटल में छापेमारी की गई थी. इस दौरान 80 युवक-युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया. फिलहाल, पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना है.

पुलिस ने कहा कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी संगठन या नेटवर्क की सक्रियता भी हो सकती है। ऐसे में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पकड़े गए सभी युवाओं और महिलाओं को कोर्ट में पेश किया गया, और आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू हो गई। नाबालिग लड़कियों के मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उन्हें तुरंत बाल कल्याण समिति के संरक्षण में रखा गया।

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