बिहार.
पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया थाना क्षेत्र के लोहरगांवा गांव में हृदयविदारक हादसे में चंवर में भरे पानी में डूबने से छह बच्चों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मंगलवार की शाम बकरी चराने निकली बच्चियों के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सभी बच्चियां रोज की तरह शाम करीब चार बजे घर से घास काटने और बकरियां चराने निकली थीं। इसके बाद वे नदी किनारे खेलने पहुंचीं और नहाने लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इसी दौरान प्रिंस नाम की एक बच्ची अचानक नदी के गहरे हिस्से में चली गई और तेज बहाव में फंसकर डूबने लगी। उसे बचाने के लिए साथ मौजूद बाकी पांच बच्चियां भी एक-एक कर पानी में कूद गईं, लेकिन नदी में बने गहरे गड्ढे और तेज धारा की वजह से वे खुद भी संतुलन खो बैठीं और सभी पानी में समा गईं।
ग्रामीणों के मुताबिक, खेलते-खेलते बच्चियां अनजाने में नदी के खतरनाक हिस्से तक पहुंच गई थीं। कुछ ही सेकंड में सभी पानी के अंदर गायब हो गईं और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। नदी किनारे मौजूद लोगों ने जब बच्चियों को डूबते देखा तो शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। तेज बहाव सभी को अपने साथ बहा ले गया।
मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग ग्रामीण ने बताया, 'हम लोग जितनी तेजी से दौड़ सकते थे, दौड़े, लेकिन नदी से किसी को नहीं बचा सके। सब कुछ पलभर में खत्म हो गया।' इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है।
इस घटना की पुष्टि करते हुए जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने मृत बच्चों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। डीएम ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर सहायता राशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।