रीवा.
रीवा और पूरे विंध्य क्षेत्र में सालों से सिक्के नहीं लिए जाने की समस्या पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी वैध सिक्के स्वीकार करने से इनकार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर ऐसे लोगों को जेल भी भेजा जाएगा.
विंध्य के 9 जिलों में पड़ताल कर पाया था कि ₹1, ₹2 और ₹5 के वैध सिक्के कई बाजारों में चलन से बाहर हो चुके हैं, कई दुकानदार और व्यापारी ग्राहकों से सिक्के लेने से इनकार कर रहे थे. उनका कहना था कि बैंकों में बड़ी मात्रा में सिक्के जमा कराने में परेशानी होती है, इसलिए वे इन्हें स्वीकार नहीं करते.
रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रकाशित खबर और उसके बाद हुई चर्चाओं से प्रशासन को समस्या की गंभीरता का पता चला। इसके बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की टीमें समय-समय पर सामान्य ग्राहक बनकर बाजारों में खरीदारी करेंगी। यदि किसी दुकान, प्रतिष्ठान या व्यापारी ने वैध सिक्के लेने से इनकार किया तो उसके खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आदेश जारी, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी वैध सिक्कों को बिना उचित कारण स्वीकार करने से इनकार करना या उनके संबंध में भ्रामक अफवाह फैलाना जनहित के विरुद्ध है।
इस संबंध में जिला दंडाधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
6 माह की जेल और जुर्माने का प्रावधान बीएनएस की धारा 223 के तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश की अवज्ञा करने पर अधिकतम छह माह का कारावास, ₹2,500 तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।प्रशासन ने जिले के सभी व्यापारियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, परिवहन संचालकों, सेवा प्रदाताओं और बैंक शाखाओं को निर्देश दिए हैं कि वो सभी वैध सिक्कों को बिना किसी भेदभाव के स्वीकार करें।
सिक्के लेने से मना करे तो तुरंत करें शिकायत जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई दुकानदार, व्यापारी, प्रतिष्ठान या अन्य व्यक्ति वैध सिक्के लेने से इनकार करता है तो इसकी शिकायत संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, कलेक्टर कार्यालय या नजदीकी थाने में करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।