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बरगी डैम हादसा : 4 साल के बच्चे को सीने से लगाए रही मां...आखिरी आलिंगन

मध्य प्रदेश Published by: paliwalwani Updated Fri, 01 May 2026 03:02 PM
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मौत के 12 घंटे बाद भी सीने से लिपटा कलेजे का टुकड़ा

जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया. अब तक 9 शव मिल चुके हैं. 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया. प्रशासन के मुताबिक, 4 लोग अभी लापता हैं.

बरगी डैम के बैकवॉटर में हुए क्रूज हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इस दौरान दिल को झकझोरने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं. आगरा से बुलाई गई स्पेशल डाइविंग टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान रूह कंपा देने वाला सीन दिखाई दिया. डैम में पानी की गहराई में सर्चिंग के दौरान ऐसा मंजर दिखा, जिसे देख रेस्क्यू टीम का दिल बैठ गया. गहरे पानी में डूबे क्रूज के मलबे के बीच एक मां का शव मिला, जो अपने मासूम बच्चे को कलेजे से चिपकाए थी. मां की पकड़ इतनी मजबूत थी कि मौत का झपट्टा भी शर्मा गया.

शुक्रवार सुबह बरगी डैम में फुर्ती के साथ रेस्क्यू में जुटी टीम ने बताया कि सर्चिंग के दौरान जब वे लोग क्रूज के अंदर दाखिल हुए तो ऐसा सीन दिखा, जिसे देखकर दिल कांप गया. क्रूज में खिड़की के पास मलबे के बीच मां अपने बच्चे को अपनी लाइफ जैकेट के भीतर समेटे थी. इस महिला के शव को निकालने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी.

ये मां हादसे के बाद 12 घंटे तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से चिपकाए रही. रेस्क्यू कर रही आगरा की डाइविंग टीम ने बताया क्रूज के अंदर से मां-बेटे की डेडबॉडी को लोहे की रॉड व टूटे स्ट्रक्चर की मदद से निकाला गया. ये दिल को हिलाने वाले बेहद भावुक पल थे.

मां का अपने बच्चे को सीने से चिपका कर बाहों में जकड़े रखना, ताकि लाइफ जैकेट के सहारे दोनों बच जाएंगे. सिवाय ममता के कुछ न बचा. यह तस्वीर जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसे की है. एक 29 वर्षीय मां अपने 4 साल के मासूम बेटे को सीने से लगाकर बाहों में जकड़े हुए थी. इस हादसे को लेकर कई प्रश्न है, पहला सटीक संख्या, क्योंकि टिकट सिर्फ वयस्कों के थे, जिनमें 29 नाम हैं, जबकि क्रूज पर 40 लोगों के होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

खराब मौसम की चेतावनी के बाद भी पर्यटकों को डैम में ले जाया गया. क्रूज पर केवल एक ऑपरेटर और एक असिस्टेंट मौजूद थे. लाइफ जैकेट समय पर मुहैया नहीं करवाई गई. यात्रियों ने खुद जैकेट बांटना शुरू कर दिया था.

ये दर्दनाक तस्वीर मरिना मैसी और उसके 4 साल के बेटे त्रिशान की है. मरिना ने अपने बेटे त्रिशान को हादसे के दौरान इतनी मजबूती से अपनी लाइफ जैकेट के भीतर समेट लिया था... कि मौत का मंजर भी उन्हें अलग नहीं कर सका... पता चला है कि दिल्ली से घूमने आए इस परिवार में पिता प्रदीप और बेटी सिया सुरक्षित हैं... लेकिन प्रदीप का पत्नी और बेटा नहीं बच सका... वे दिल्ली से घूमने आए थे..., पिता और बेटी इस भयानक हादसे से बच निकलने में कामयाब रहे...

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