नई दिल्ली. भाषा) जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेसेज, मैरी रिटेल, टोनबो इमेजिंग इंडिया और गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए धन जुटाने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी मिल गई है। बाजार नियामक सेबी से यह जानकारी मिली।
इन चारों कंपनियों ने दिसंबर से अप्रैल के बीच अपने आईपीओ के लिए दस्तावेज दाखिल किए थे। सेबी ने छह से 10 जुलाई के बीच अपनी टिप्पणियां जारी कीं। सेबी की भाषा में टिप्पणियां जारी होने का अर्थ आईपीओ लाने की मंजूरी माना जाता है।
इस संबंध में जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस ने गोपनीय प्रक्रिया के तहत सेबी के पास दस्तावेज दाखिल किए थे और कंपनी आईपीओ के जरिए 4,000 करोड़ रुपये से 5,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित आईपीओ में नए शेयर जारी किए जाएंगे और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा बिक्री पेशकश (ओएफएस) भी शामिल होगी।
दस्तावेजों के मसौदे (डीआरएचपी) के अनुसार, परिधान एवं आभूषण खुदरा कंपनी मैरी रिटेल के प्रस्तावित आईपीओ में 522 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे और प्रवर्तक मैरी वेंकट रेड्डी द्वारा 2.7 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश इसमें शामिल होगी।
डीआरएचपी में कहा गया है कि वैश्विक रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) टोनबो इमेजिंग का आईपीओ पूरी तरह 18,085,246 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयरों का ओएफएस होगा। इसमें नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे।
वडोदरा स्थित गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स के आईपीओ में 65 लाख तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि प्रवर्तक 1.32 करोड़ तक इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश करेंगे। चारों कंपनियों के शेयरों को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध किया जाएगा।
भाषा यासिर रमण