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नगर तथा ग्राम निवेश ने मास्टर प्लान में संशोधन की प्रक्रियाकी शुरू : 15 दिन में दावे-आपत्तियों के साथ सुझाव मांगे

इंदौर Published by: paliwalwani Updated Fri, 03 Jul 2026 08:22 PM
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राजेश ज्वेल

इंदौर. 

अभी नगर निगम (Municipal council) सडक़ चौड़ीकरण और अन्य प्रोजेक्टों में बाधक मकानों-दुकानों को तोडक़र नकद मुआवजे की बजाय टीडीआर (TDR) सर्टिफिकेट दे रहा है। दूसरी तरफ इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट (Metro project) के लिए शासन ने टीओडी पॉलिसी घोषित कर रखी है।

वहीं अब उसके साथ टीडीआर सर्टिफिकेट का लाभ भी दिया जाएगा। एयरपोर्ट से गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर, विजय नगर से खजराना, पलासिया, एमजी रोड, रीगल, राजवाड़ा, बड़ा गणपति होते हुए एयरपोर्ट तक का जो 32 किलोमीटर का एलिवेटेड और अंडरग्राउंड रुट है उस पर 500-500 मीटर दोनों तरफ रिसीविंग झोन घोषित किया गया है। नगर तथा ग्राम निवेश ने मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए टीडीआर का लाभ देने हेतु मास्टर प्लान में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की है

वहीं 15 दिन में दावे-आपत्तियां-सुझाव मांगे गए हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में टीओडी के लिए तीन कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए, जिसमें 500 मीटर चौड़ाई में ही मिक्स लैंड यूज के साथ अतिरिक्त एफएआर देने का प्रावधान किया गया। अभी इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में कई तरह की अड़चनें हैं और हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर कर रखी है। हालांकि अभी कोर्ट ने किसी तरह का स्टे देने से इनकार करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 6 जुलाई 2026 तय की है।

वहीं जहां मेट्रो स्टेशन बन रहे हैं या अंडरग्राउंड की खुदाई होना है वहां के रहवासियों-दुकानदारों द्वारा विरोध भी किया जा रहा है। ऐसे प्रभावितों को टीडीआर का लाभ दिया जाएगा, जिसके लिए नगर तथा ग्राम निवेश ने इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट और 500-500 मीटर तक की गहराई क्षेत्र को प्राप्ति क्षेत्र यानी रिसीविंग एरिया तय करना तय किया है और दावे-आपत्तियां-सुझाव की प्रक्रियाशुरू की। यह भी उल्लेखनीय है कि टीडीआर के पहले मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए टीओडी पॉलिसी भी घोषित की गई है और दो साल पहले इसके लिए भी दावे-आपत्तियां-सुझाव की प्रक्रिया की जा चुकी है।

मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने जो सिटी मोबिलिटी प्लान बनाया उसके मुताबिक भूमि विकास नियम मास्टर प्लान में ये संशोधन कराए जा रहे हैं, ताकि मेट्रो नेटवर्क पर आ रही जमीनों पर मिक्स लैंड यूज के साथ अतिरिक्त एफएआर का लाभ भी दिया जा सके। यह भी उल्लेखनीय है कि शासन टीडीआर सर्टिफिकेट के लिए सम्पूर्ण निगम सीमा को रिसीविंग एरिया घोषित कर चुका है, जिसमें 70 हजार एकड़ का एरिया शामिल है

यह भी उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने ट्रांजिट ओरिएंटेंड डवलपमेंट यानी टीओडी के तहत पायलट सिटी के रूप में इंदौर का चयन किया और कुछ समय पूर्व इसे लेकर एशियन डवलपमेंट और प्रशासन सहित अन्य अधिकारियों की बैठक भी हुई, जिसमें टीओडी प्रोजेक्ट पर किस तरह अमल होगा उसका प्रजेंटेशन भी दिया गया, जिसमें दावा किया गया कि अभी जो सवा से डेढ़ और दो एफएआर मिल रहा है, इस पॉलिसी के चलते चार एफएआर तक का फायदा मिलेगा और शहर की वर्टिकल यानी ऊंचाई में ग्रोथ होगी।

मेट्रो कॉरिडोर के साथ-साथ तत्कालीन बीआरटीएस सहित अन्य सडक़ों को भी इसमें शामिल किया गया और मिक्स लैंड यूज को बढ़ावा देने, ताकि एक ही जगह पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, मार्केट, घर-दुकान आ सकें और सडक़ों पर लगातार बढ़ रहे वाहनों का दबाव भी कम हो।

इंदौर के लिए जो टीओडी पॉलिसी तैयार की गई उसमें सुपर कॉरिडोर, एबी रोड, एमआर-10, एमजी रोड को तो शामिल किया ही, साथ ही मेट्रो प्रोजेक्ट में आ रहे रेडिसन, बंगाली, पलासिया, बड़ा गणपति चौराहों और एयरपोर्ट के हिस्से को भी शामिल किया गया है। 2024 में शासन ने मेट्रो नेटवर्क दोनों तरफ 500-500 मीटर की चौड़ाई में तीन टीओडी कॉरिडोर भी प्रस्तावित किए और दावे-आपत्तियों-सुझाव की प्रक्रियापूरी करते हुए मास्टर प्लान में इस आशय के उपांतरण किए गए। अब टीओडी के साथ-साथ टीडीआर पॉलिसी का भी लाभ मेट्रो प्रोजेक्ट के 500-500 मीटर दोनों तरफ दिया जाएगा।

  • टीडीआर सर्टिफिकेट के लिए अभी 70 हजार एकड़ का एरिया किया है रिसीविंग एरिया घोषित
  • सडक़ों के चौड़ीकरण और अन्य निर्माणों के लिए निगम दे रहा है टीडीआर सर्टिफिकेट
  • सिटी मोबिलिटी प्लान के चलते मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए शासन ने टीओडी का किया है प्रावधान
  • मिक्स लैंड यूज के साथ अतिरिक्त एफएआर का मेट्रो प्रोजेक्ट मेंमिलेगा लाभ
  • अभी कई स्थानों पर रहवासियों-दुकानदारों द्वारा किया जा रहा है विरोध
  • ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट के साथ अब टीडीआर का लाभ भी देने का लिया निर्णय
  • अभी 20किलोमीटर एलिवेटेड और 12 किलोमीटर का अंडरग्राउंड रूट किया है तय
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