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Jain wani : श्रमण संघीय आचार्य सम्राट डॉ शिवमुनिजी महाराज द्वारा इन्दौर की पुण्यधरा पर श्रमण संघीय वृहद साधु साध्वी सम्मेलन में घोषित युवाचार्य पूज्य श्री महेंद्र ऋषि जी का नगर प्रवेश पर अभिनंदन

इंदौर Published by: Jain wani Updated Wed, 11 Feb 2026 11:39 AM
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अभिनंदन समारोह आईपीएस. स्कूल प्रांगण में 11 फरवरी 2026 को

राजेश जैन दद्दू

इन्दौर. जिनशासन प्रभावक, प्रज्ञामहर्षि, आगम रत्नाकर, युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषि जी म.सा. व हित-मितभाषी श्री हितेंद्र ऋषि जी म.सा. ठाणा 4 पनवेल का ऐतिहासिक चातुर्मास पूर्ण करके महाराष्ट्र के अनेक स्थानों को स्पर्श कर धर्म प्रभावना करते हुए आज माता अहिल्या की पावन नगरी इन्दौर के शिक्षा के मंदिर आई.पी.एस. एकेडमी परिसर में पदार्पण हुआ।

महापुरुषों का उत्कृष्ट संयम जीवन की सहज साधना एवं चरित्र की महानता ही उनका परिचय है। श्रमण संघ के महाप्राण, जन-जन के श्रद्धा के केंद्र राष्ट्रसंत आचार्य सम्राट प.पू. श्री आनंद ऋषि जी म.सा. के लाडले प्रबुद्ध एवं सुविज्ञ शिष्य जिनशासन गौरव सुमधुर गायक प्रखर व्याख्याता युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषिजी म.सा. का जन्म महाराष्ट्र की पावन धरा चाकन में भटेवरा परिवार में हुआ था प्रबल पुण्योदय से मात्र 7 वर्ष की बालवय में कल्पतरु सम आनंद गुरु का पावन सुख सान्निध्य प्राप्त हुआ तथा वैराग्य के अंकुर प्रस्फुटित हुए, निर्मल झरनों को कोई भी रोक नहीं सकता उसी भांति बालक के अंतर हृदय में प्रस्फुटित सुदृढ़ वैराग्य भाव को कोई रोक नहीं पाया और 15 वर्ष की अल्पायु में 3 फरवरी 1982 के स्वर्णिम सुखद मंगलमय पावन घड़ी में महाचरित्र नायक आचार्य श्री आनंद ऋषि जी महाराज साहब ने आप श्री को पुणे में देव दुर्लभ संयम रत्न प्रदान किया। 

गुरु आज्ञा ही सर्वोपरि है इस सत्संकल्प के साथ आप श्री की संयम यात्रा प्रारंभ हुई गुरु आनंद के विनयी, मेघावी सुशिष्य बनकर जीवन को पल्लवीत तथा पुष्पित कर रहे हैं। 27 मार्च 2015 को इंदौर शहर में श्रमण संघीय आचार्य सम्राट ,ध्यान योगी डॉ.शिव मुनि जी म.सा. के मंगल आशीर्वाद  एवं समस्त श्रमणसंघीय संत सतीवृंद के आशीर्वाद से आपको युवाचार्य पद प्रदान किया गया।

आगमों का गहन अध्ययन साथ ही मधुर गायक 

आपने संस्कृत प्राकृत के साथ ही आगमों का गहन अध्ययन किया है साथ ही आप मधुर गायक भी हैं। आपकी रचनाओं में आनंद के स्वर, आनंद के सरगम, आनंद स्तोक महक, सुमिरन जिनेश्वरों का, गुरु आनंद प्रसादी, ऋषि संप्रदाय का इतिहास, आनंद कथामृत भाग 1 और 2, पुच्छिसुनं सचित्र-सार्थ-संपुट विधि सहित, आनंद स्वर लहरिया, तिलोक त्रिवेणी, श्री गौतम रास अर्थ सहित, आध्यात्म पर्व दशहरा, रत्नपुरी के रत्न, मुनि गुणमाला आदि प्रमुख हैं।

उक्त रचनाओं के साथ ही अनेक पत्र-पत्रिकाओं में आपके विविध लेख प्रकाशित हुए हैं। सहज सरल स्वभाव के धनी पूज्य युवाचार्य भगवन श्री महेन्द्र ऋषि जी महाराज का इन्दौर पदार्पण संघ के लिए बहुत बड़े ही हर्ष की बात है ।

इस अवसर पर महावीर भवन श्रावक संघ अध्यक्ष पद्म श्री नेमनाथ जैन,कार्याध्यक्ष अचल चौधरी, महामंत्री रमेश भण्डारी, कोषाध्यक्ष टी सी जैन, चातुर्मास समिति के संयोजक प्रकाश भटेवरा, जिनेश्वर जैन, राजकुमार पंजाबी, अशोक मंडलीक, समरथ मल कोठारी, राजेंद्र महाजन, हेमंत बोहरा, ललित संचेती, रितेश कटकानी, दीपक भटेवरा टीनू, हंसकुमार जैन, अजय जैन, निशीथ चौधरी, बाबूलाल पोरवाल, अशोक जैन, अजय चौधरी, मनोहर लाल जैन, हनुमान पोरवाल, हिमांशु बोटादरा, सुविधि जवेरी, प्रकाश जैन, डीपीन जैन, डॉ राजीव चौधरी, रवि बाफना, चन्दन मल चोरड़िया, सहित दिनेश डांगी, ललित संचेती, शरद मेहता, अतुल झामड, अशोक सुराना, विजय सिंह नाहर, अशोक डांगी, आशीष वीरानी, ललित छल्लानी, हुलास बेताला, आर धर्मचंद चोरड़िया, गजराज बेताला, सुनीता छजलानी, रेणु जैन, आजाद नारेलिया, शशि बोथरा, पुष्पा डागरिया स्वप्निल संचेती, राजेश सुराना, संकेत जैन, राकेश कोठारी, रूपेन्द्र नारेलिया, हनी चोरड़िया, गर्वित बोडाना, पुनीत आंचलिया आदि ने युवाचार्य श्री के इन्दौर पदार्पण पर प्रसन्नता के भाव व्यक्त किए हैं।

  • 15 फरवरी 2026 को प्रातः 9 बजे से जानकीनगर जैन स्थानक में समग्र जैन समाज द्वारा आपके 45 वे दीक्षा दिवस प्रसंग निमित्त सामुहिक सामायिक का विशाल आयोजन ओर गुणानुवाद सभा का आयोजन किया जा रहा है, यह जानकारी रमेश भण्डारी, प्रकाश भटेवरा द्वारा प्रदान की गई।
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