इंदौर. नीरज साहब के बाद जिन्हें सर्वाधिक सुना ओर पढ़ा जाता है उन कवियों में डॉ कुंवर बैचेन यानि कुंवर बहादुर सक्सेना का नाम अग्रणी है...। बैचेन साहब वैसे तो मुरादाबाद यूपी के गांव उमरी में पैदा हुए थे पर पूरे देश का हक उन पर रहा, जाहिर बात है इंदौर भी उसमें एक है। बीते छह बरस से अनुज डॉ अर्पण जैन अपनी संस्था मातृभाषा उन्नयन संस्थान व डॉ. कुँअर बेचैन स्मृति न्यास, ऑस्ट्रेलिया के तत्वावधान में काव्य कुँअर व काव्य दीप सम्मान समारोह आयोजित करते आ रहे है। हर बार हमें जोड़ लेते है और इसी बहाने हम कविताओं, गजलों ओर रूबाइयों से मुखातिब होकर स्वयं को धन्य कर लेते है।
गत दिनों आयोजित कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी, ख्यात कवि देवकृष्ण व्यास, वरिष्ठ पत्रकार हरिश फतेहचन्दानी व लोकप्रिय गीतकार अमन अक्षर की मौजूदगी में बैचेन साहब की यादों का जलसा सजा था... यादों के पिटारे से अनेक सुनहरे पल निकले, कई शेर, गजल ओर गीतों ने मन को आनंदित किया।
इस अवसर पर इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अरविंद तिवारी, उपाध्यक्ष संजय त्रिपाठी, कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद दीक्षित, अभय तिवारी, श्याम कामले, लक्ष्मीकांत पंडित, शिशिर उपाध्याय, डॉ. नीना जोशी, दिनेश दवे, अनिता बिरला, स्वाति सिंह साहिबा, कल्याणी गुप्ता, नैवेद्य पुरोहित, विनीता तिवारी, मार्टिन पिंटो, शिवम सिंह, वैदिक पराशर, वेदांत चतुर्वेदी आदि सुधिजन मौजूद रहे।