इंदौर में हाथियों का प्रवेश निषेध : मचेगा हाथियों को हटाने का हल्ला... इंदौर में ऑटो ड्राइवर विजय की मौत

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इंदौर. 

इंदौर के राजनगर में हाथी के हमले से ऑटो चालक विजय राव की दर्दनाक मौत हो गई. धार्मिक कार्यक्रम में लाए गए हाथी को गुड़ खिलाते समय वह अचानक आक्रामक हो गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है कि क्या सुरक्षा नियमों और लापरवाही की अनदेखी हुई थी. इस घटना से इलाके में शोक और सुरक्षा चिंताओं का माहौल है.

सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही चंदन नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है, जिसमें पूरी घटना कैद होने की बात सामने आई है. अधिकारियों का कहना है कि फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है.

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हाथी को सार्वजनिक क्षेत्र में लाने के दौरान सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक नियमों का पालन किया गया था या नहीं. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हाथी के आक्रामक होने की वजह क्या थी और क्या महावत की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई.

जब तक हादसा नहीं होता तब तक जिम्मेदार जागते भी नहीं... इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्रांतर्गत राज नगर पुलिस चौकी के पास हाथी द्वारा 49 वर्षीय ऑटो ड्राइवर विजय उर्फ लक्ष्मण राव होलकर को कुचलने की घटना के बाद हड़कम्प मचा... हालांकि घटना शनिवार शाम करीब 4.20 की बताई जाती है, जिसका वीडियो आज रविवार को सामने आया...

पुलिस का कहना है कि हाथी को उज्जैन से जैन समाज के एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर लाए थे... कार्यक्रम के बाद महावत उसे इलाके में घुमाते हुए भिक्षावृत्ति कर रहा था और इसी दौरान ऑटो ड्राइवर ने हाथी को रोककर गुड़ खिलाना शुरू किया, तभी अचानक हाथी भड़क गया और उसने विजय को सूंड से उठाकर जमीन पर पटका और उसके ऊपर पैर रख दिया...

जैसे-तेसे हाथी पर काबू पाया गया और उसे पास के वर्मा यूनियन अस्पताल में भर्ती कराया गया और रात करीब 7.30 बजे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई... थाना प्रभारी तिलक करोले के मुताबिक मामले में मर्ग कायम कर महावत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है... साथ ही जू अधिकारियों को भी हाथी के संबंध में जानकारी पहुंचा दी...

हाथी को शहर में बुलाने के लिए धन्ना सेठ लगाते हैं एड़ी से चोटी तक का जोर..?

एक खबर यह भी है कि वैसे तो इंदौर में हाथियों का प्रवेश निषेध है, किन्तु कई सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर अन्य तरह के आयोजनों के लिए इन्हें आसपास के शहरों से बुलाया जाता है... इतना ही नहीं, धन्ना सेठ ऐसे आयोजनों के लिए अपने ऊपर सम्पर्कों का इस्तेमाल भी जमकर करते हैं और अनुमति के लिए जिम्मेदारों के पास कई फोन पहुंचते हैं, जिनमें बड़े मीडिया घरानों से लेकर राजनीतिक लोग भी शामिल होते हैं... अब इंदौर में हुए इस हादसे के बाद कुछ दिनों के लिए एक बार फिर हाथियों के संबंध में नियम-कायदे याद दिलाने के साथ इन्हें हटाने का हल्ला मचना तय है..!

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