जिनपिंग भारत आ रहे, LoC पर पाकिस्तान की हलचल बढ़ी; 18500 बंकरों पर घिरी अब्दुल्ला सरकार

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत दौरा तय हो गया है। इसी बीच, नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान की तरफ से बढ़ रही हलचल ने चिंता बढ़ा दी है। नागरिकों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा मंजूर 18,500 निजी बंकरों के निर्माण में देरी को लेकर जम्मू-कश्मीर में अब्दुल्ला सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है।

विपक्ष का आरोप-केंद्र ने मंजूरी दी, फिर भी नहीं बनाया

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) बीजेपी के सुनील शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा-'ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्र सरकार ने जिन अलग-अलग बंकरों को मंजूरी दी थी, उन्हें उमर अब्दुल्ला की सरकार ने नहीं बनाया है। भारी जनादेश मिलने के बावजूद चुनी हुई सरकार अच्छा शासन देने में नाकाम रही है क्योंकि उसका ध्यान सिर्फ़ भ्रष्टाचार पर है।' सुनील शर्मा पुंछ और राजौरी में ‘जन संवाद’ नाम के बड़े जन-संपर्क कार्यक्रम के तहत बीजेपी के एक सीनियर डेलिगेशन की अगुवाई कर रहे थे।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद तीन मांगें रखी थीं

  • सुनील शर्मा ने कहा-‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब हमने (बीजेपी ने) सीमावर्ती जिलों का दौरा किया था, तो लोगों ने तुरंत मुआवज़े, नौकरी और बंकर की मांग की थी। मैंने खुद केंद्रीय गृह मंत्री के सामने ये मांगें रखी थीं।
  • उन्होंने (गृह मंत्री अमित शाह ने) न सिर्फ इन मांगों को माना, बल्कि मुआवज़े पर हुई प्रगति की समीक्षा भी की और अपने दौरे के दौरान नौकरी के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। हालांकि, J&K में मौजूदा चुनी हुई सरकार को जमीनी स्तर पर बंकर बनाने थे।
  • हमने कम्युनिटी बंकर तो बनाए थे, लेकिन मांग अलग-अलग घरों के लिए बंकर (इंडिविजुअल बंकर) की थी। मगर, यह सरकार बंकर बनाने में नाकाम रही।

18,500 बंकर बनाकर सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा

  • 2021 में जम्मू प्रांत में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) के पास लगभग 8,000 अंडरग्राउंड बंकर बनाए गए थे। केंद्र सरकार ने शुरू में पांच जिलों जम्मू, कठुआ, सांबा, पुंछ और राजौरी में 14,460 बंकरों को मंजूरी दी थी। बाद में ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले और लोगों को कवर करने के लिए 4,000 और बंकरों को मंज़ूरी दी गई। इन्हें 'मोदी बंकर' कहा जा रहा है।
  • भारत ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी का सामना कर रहे अपने सीमावर्ती निवासियों के लिए निजी बंकरों की व्यवस्था कर रहा है।
  • पुंछ और राजौरी जिलों में LoC के किनारे 7,298 बंकर बनाए गए, जबकि जम्मू, कठुआ और सांबा ज़िलों में IB के किनारे 7,162 अंडरग्राउंड बंकर बनाए जाएंगे।

इस तरह के बनाए जा रहे हैं बंकर

केंद्र सरकार ने 415.73 करोड़ रुपये की लागत से 14,460 व्यक्तिगत और कम्युनिटी बंकर बनाने की मंज़ूरी दी थी। अधिकारियों ने बताया कि कुल 13,029 व्यक्तिगत बंकर और 1,431 कम्युनिटी बंकर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 160 स्क्वायर फ़ीट के व्यक्तिगत बंकर की क्षमता आठ लोगों की है और 800 स्क्वायर फीट के कम्युनिटी बंकर की क्षमता 40 लोगों की है।

मोदी बंकर में रखे जा रहे हैं कंबल और बिस्तर

  • मोदी बंकर के नाम से मशहूर इन बंकरों में कंबल और बिस्तर जैसी जरूरी चीजें रखी जा रही हैं, क्योंकि ग्रामीण किसी भी बुरी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हो रहे हैं।
  • मोदी बंकर एक अनौपचारिक शब्द है जिसका इस्तेमाल लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास बनाए गए उन अंडरग्राउंड बंकरों के लिए किया जाता है जो आम नागरिकों को सीमा पार से होने वाली गोलाबारी से बचाने के लिए बनाए गए हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के दौरान बड़ी संख्या में बनाए गए ये बंकर, संघर्ष वाले सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार की एक बड़ी पहल का हिस्सा थे। सरकार ने पहले भी पुंछ और राजौरी जैसे ज़्यादा जोखिम वाले इलाकों में व्यक्तिगत और सामुदायिक बंकर बनाने के लिए आर्थिक और तकनीकी मदद दी है।
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