नई दिल्ली: अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा IT दिग्गज Cognizant के नए PERM यानी Permanent Labor Certification आवेदन पर रोक लगाए जाने के बाद भारतीय IT सेक्टर में निवेशकों की चिंता बढ़ गई। बुधवार को भारतीय IT शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली और सेक्टर की कंपनियों के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में करीब ₹55,000 करोड़ की कमी आई।
इस गिरावट के बीच Nifty IT इंडेक्स करीब 3.2 फीसदी नीचे रहा। Coforge समेत कई प्रमुख IT शेयरों में दबाव देखा गया। हालांकि, बाजार में आई व्यापक गिरावट के पीछे सिर्फ Cognizant का मामला जिम्मेदार नहीं था। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर चिंता ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला।
Cognizant के शेयर में भी गिरावट
अमेरिकी बाजार में Cognizant Technology Solutions के शेयर पर भी दबाव देखने को मिला। 8 सितंबर को कंपनी का शेयर 3.84 फीसदी गिरकर 59.92 डॉलर पर बंद हुआ। यह Cognizant की लगातार दूसरी गिरावट थी। इसी दिन S&P 500 में 0.58 फीसदी और Dow Jones में 1.18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
भारतीय IT कंपनियों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
अमेरिका Cognizant समेत भारतीय IT कंपनियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। ऐसे में अमेरिकी प्रशासन द्वारा H-1B और रोजगार आधारित इमिग्रेशन कार्यक्रमों की सख्ती से समीक्षा किए जाने से निवेशकों को आशंका है कि इसका असर भविष्य में अन्य IT कंपनियों पर भी पड़ सकता है।
PERM प्रक्रिया रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Cognizant के नए PERM आवेदन फिलहाल निलंबित किए गए हैं। इसका सीधा असर उन विदेशी कर्मचारियों पर पड़ सकता है जिनके लिए कंपनी के माध्यम से ग्रीन कार्ड की नई प्रक्रिया शुरू होनी थी।
क्या TCS, Infosys और दूसरी कंपनियां भी दबाव में आएंगी?
बाजार में सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या अमेरिकी प्रशासन की जांच का दायरा Cognizant से आगे बढ़ेगा। भारतीय IT कंपनियां अमेरिका में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नियुक्त करती हैं और H-1B तथा रोजगार आधारित इमिग्रेशन प्रक्रियाओं पर निर्भर रहती हैं।
अगर अमेरिकी प्रशासन इसी तरह की सख्ती दूसरी कंपनियों पर भी बढ़ाता है, तो इससे भारतीय IT सेक्टर की लागत, कर्मचारियों की मोबिलिटी और अमेरिका में बिजनेस ऑपरेशंस पर असर पड़ सकता है। फिलहाल ऐसी किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अन्य कंपनियों के मामले में नहीं हुई है।
भारतीय शेयर बाजार पहले से दबाव में
IT शेयरों की गिरावट ऐसे समय आई है जब भारतीय शेयर बाजार पहले ही दबाव में था। बुधवार को Sensex 1.08 फीसदी गिरकर 74,764.23 और Nifty 50 0.86 फीसदी टूटकर 23,431.50 पर बंद हुआ। दोनों प्रमुख इंडेक्स 11 जून के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए।
इसलिए Cognizant से जुड़ी खबर ने IT सेक्टर की चिंता बढ़ाई, लेकिन पूरे बाजार की गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण भी रहे।
निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि अमेरिकी श्रम विभाग की जांच कितने समय तक चलती है और Cognizant के PERM आवेदन पर लगी रोक आगे क्या रूप लेती है।