एप डाउनलोड करें

पालीवाल शिक्षा विकास समिति इंदौर की वार्षिक साधारण सभा संपन्न

इंदौर Published by: indoremeripehchan.in Updated Mon, 29 Jun 2026 11:24 AM
विज्ञापन
Follow Us
विज्ञापन

वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अनिल बागोरा, पुलकित पुरोहित

इंदौर. पालीवाल शिक्षा विकास समिति की वार्षिक साधारण सभा श्री पालीवाल बाल विनय मंदिर परिसर इंदौर पर उपस्थित सदस्यों के समक्ष वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री प्रतापमाल जोशी की अध्यक्षता में संपन्न हुई.  

सर्वप्रथम सचिव महोदय ने सभी का अभिवादन करते हुए वार्षिक प्रतिवेदन का वाचन किया गया एवं वार्षिक लेखा पत्र कोषाध्यक्ष श्री राजेश जोशी ने प्रस्तुत किया, जिसे सर्वानुमति से अनुमोदित किए गए. वर्ष भर में स्कूल संचालन में लगभग 8 से 9 लाख रुपए का व्यय होता हैं. सभा में स्कूल के लिए फंड एकत्रित करने हेतु एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने का सुझाव दिए गये.  

सभा में स्कूल के लिए फंड  एकत्रित करने हेतु एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने का सुझाव श्री श्रवण जोशी ने दिया. श्री दीनदयाल जी जोशी ने तलपट में असेट्स बढ़ाने का सुझाव दिया कि हम किस प्रकार से समिति के असेट्स बढ़ा सकते हैं, सह सचिव श्री जगदीश जोशी ने वार्षिक सभा की सूचना के साथ पीडीएफ फॉर्म में बैलेंस शीट भी सदस्यों को प्रेषित करने का सुझाव दिया. उक्त सुझावों पर कार्यकारिणी सभा मैं विचार कर अनुपालन करने का प्रयास किया जाएगा.

वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री लक्ष्मीनारायण व्यास के धन्यवाद प्रस्ताव के बाद सभा की कार्यवाही स्थगित की गई. उक्त जानकारी पालीवाल शिक्षा विकास समिति के सचिव समाजसेवी श्री हरलाल पालीवाल ने पालीवाल वाणी को दी.

प्रमुख समाज सेवा के कार्य :

समाज सेवा का अर्थ नि:स्वार्थ भाव से समाज के कल्याण और कमजोर वर्गों की सहायता करना है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, वृद्धों की देखभाल, आपदा राहत, और कौशल विकास जैसे कार्य शामिल हैं। यह व्यक्तिगत या सामूहिक स्तर पर सामाजिक सुधार और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए किए गए प्रयास हैं। 

शिक्षा और जागरूकता : गरीब बच्चों को पढ़ाना, साक्षरता अभियान चलाना, और स्वास्थ्य/महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना।

स्वास्थ्य सेवा : नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित करना, रक्तदान शिविर, और बुजुर्गों/दिव्यांगों की देखभाल करना।

पर्यावरण संरक्षण : वृक्षारोपण, सफाई अभियान, और जल संरक्षण के कार्य।

आर्थिक सशक्तिकरण : महिलाओं और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना।

आपदा और राहत : प्राकृतिक आपदाओं में भोजन, कपड़े, और आश्रय का वितरण करना।

सामाजिक सुधार : बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी बुराइयों के खिलाफ काम करना। ये कार्य समाज में समानता लाने और जरूरतमंदों को सशक्त बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। 

सामाजिक सेवाओं के उदाहरण : प्रमुख प्रकार, उनका महत्व और अधिक जानकारी

Translated = सामाजिक सेवाओं के उदाहरणों में बाल कल्याण कार्यक्रम, स्वास्थ्य सेवा सहायता, बुजुर्गों की देखभाल, बेरोजगारी सहायता और आवास सहायता शामिल हैं। ये सेवाएं सामाजिक समानता...

पालीवाल शिक्षा विकास समिति के सचिव समाजसेवी श्री हरलाल पालीवाल

  1.  
    शिक्षा का अर्थ : व्यापक अर्थ: यह जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें मनुष्य अपने जन्म से लेकर मृत्यु तक हर अनुभव से कुछ न कुछ सीखता है.
  2. सशक्तिकरण और रोजगार : यह गरीबी को दूर करने और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है.
  3. सामाजिक उत्थान: यह समाज में जागरूकता, शांति और समानता स्थापित करने में मदद करती है.

 

•┄┅═══❁✿❁❁✿❁═══┅┄•

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next