नई दिल्ली. आज देश-विदेश में बड़े ही उत्साहस, उमंग और धूम-धाम के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है. इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का 5252वां जन्मोत्सव है. अभी देशभर के मंदिरों और घरों में कान्हा का श्रृंगार और भोग अर्पित किया जा रहा है.
कृष्ण जन्माष्टमी पर नोएडा सेक्टर-70 स्थित फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन में शनिवार को दिव्यांग बच्चों ने कृष्ण और राधा का रूप धारण कर नृत्य-नाटिकाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी. सुदामा चरित समेत विभिन्न नाट्य रूपांतरण, कृष्ण-राधा की झांकी, रास-लीला की झलक और पारंपरिक गीत-संगीत ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे वातावरण को भक्ति-रस से सराबोर कर दिया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अग्निशमन अधिकारी योगेंद्र चौरसिया और कवयित्री शशि पांडे रही. उन्होंने बच्चों की प्रतिभा और आत्मबल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को दिव्यांगजनों की क्षमता और उनकी असीम संभावनाओं को समझने का अवसर देते हैं.
भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन ’जन्माष्टमी’ को मनाने के लिए यूपी का मथुरा और वृंदावन सहित देश के अलग-अलग शहरों के अलावा दुनियाभर से श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचे हैं. श्री कृष्ण जन्मस्थान के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, अयोध्या, काशी और प्रयागराज सहित पूरे उत्तर प्रदेश के सभी मंदिरों में उत्सव के लिए जबरदस्त तैयारी की गई है.
अनुमान जताया जा रहा है कि इस बार लगभग 60 लाख श्रद्धालुओं के मथुरा-वृंदावन आने की उम्मीद है. मथुरा और वृंदावन के होटलों में श्रद्धालु पहले से ही बुकिंग करा चुके हैं. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में कई तरह के बड़े बदलाव किए गए हैं. साथ ही कुछ रूट्स भी डायवर्ट किए गए हैं. भगवान श्री कृष्ण के भक्तों को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो, इसलिए मंदिरों के खुलने और बंद होने का समय भी बढ़ा दिया गया है. ड्रोन से लेकर पुलिस इंतजाम तक, सरकार की तरफ से सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
जन्माष्टमी के दिन एक बांसुरी लाएं और उस बांसुरी को भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित करने के बाद वह बांसुरी अपने बेडरूम में अपने बैड के पास रखें. ऐसा करने से आपका वैवाहिक जीवन सुखमय हो जाएगा. यदि घर में कोई सदस्य बीमार रहता है, तो उसके कमरे के दरवाजे के ऊपर अथवा सिरहाने बांसुरी रखने से स्वास्थ्य लाभ मिलेग.
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन सुबह स्नान और ध्यान आदि करने के बाद घर के बाल गोपाल को नई पोशाक पहनाएं, गोपी चंदन लगाकर भोग लगाएं. उसके बाद पीले फूलों की माला भी अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान कृष्ण का आशीर्वाद मिलेगा और रुके हुए कार्य शीघ्र पूरे होंगे.