दिग्गज एक्टर देव आनंद के बेटे सुनील आनंद ने 70 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। लगातार फिल्मों के नहीं चलने के बाद सुनील आनंद ने एक्टिंग से दूरी बना ली और फिर उन्होंने हांगकांग जाकर साउथ चाइना की पारंपरिक कुंग फू शैली विंग चुन की खास ट्रेनिंग भी ली थी।
दिग्गज एक्टर देव आनंद के बेटे सुनील आनंद अब इस दुनिया में नहीं रहे। 70 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके परिवार ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को समाचार एजेंसी पीटीआई से इस दुखद खबर की जानकारी दी। सुनील आनंद ने भी कई फिल्में की लेकिन उन्हें पिता जैसी सफलता नहीं मिली।
परिवार की ओर से देव आनंद की भतीजी जीना नारंग ने एक भावुक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि परिवार गहरे दुख में है और इस मुश्किल समय में लोगों से मिली दुआओं, प्यार और सहयोग के लिए सभी का दिल से आभार व्यक्त करता है। साथ ही उन्होंने सभी से परिवार की प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील भी की।
पहली निर्देशित फिल्म 'मास्टर' थी, जो साल 2001 में रिलीज हुई
सुनील आनंद ने अपने फिल्मी करियर में 'आनंद और आनंद' (1984), 'कार थीफ' (1986), 'मैं तेरे लिए' (1988) और 'मास्टर' जैसी फिल्मों में काम किया। बाद में उन्होंने निर्देशन की दुनिया में भी कदम रखा। उनकी पहली निर्देशित फिल्म 'मास्टर' थी, जो साल 2001 में रिलीज हुई थी।
फिलहाल परिवार ने उनके निधन की वजह का खुलासा नहीं किया है। वह देव आनंद और एक्ट्रेस कल्पना कार्तिक के इकलौते बेटे थे। उनके निधन से जुड़ी अन्य जानकारियों का इंतजार किया जा रहा है।
सुनील को फिल्म 'कार थीफ' में लीड हीरो के रूप में मौका
इसके बाद 1986 में सुनील को फिल्म 'कार थीफ' में लीड हीरो के रूप में मौका मिला। विजयता पंडित उनके साथ लीड रोल में थीं, जबकि राजेंद्र कुमार और आशा पारेख भी फिल्म का हिस्सा थे। देव आनंद के बैनर नवकेतन फिल्म्स के तहत बनी यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकी।
कभी शादी नहीं की और पूरी जिंदगी अविवाहित रहे
साल 2011 में देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद ने नवकेतन फिल्म्स की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, उन्होंने खुद को फिल्मों और लाइमलाइट से दूर रखा और बेहद सादा व शांत जीवन जिया। उन्होंने कभी शादी नहीं की और पूरी जिंदगी अविवाहित रहे।