बीकानेर. बीकानेर की प्रतिभावान बेटी डॉ. प्रियंका आचार्य (पुरोहित) जिसने बिना किसी कोचिंग, ट्यूशन के शिक्षा ग्रहण करते हुए प्रथम प्रयास में जोधपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज से वर्ष 2013 में अच्छे अंकों से एमबीबीएस की. अपने प्रथम प्रयास में ही वर्ष 2017 एनीथीसिया में एमडी बीकानेर मेडिकल कॉलेज से की तथा बाद में बतौर एनीथीसिया विशेषज्ञ के रूप में मुंबई में गत वर्षों से अपनी सेवाएं दे रही है.
वर्तमान में डॉ. प्रियंका ने जो उपलब्धि प्राप्त की है, उससे बीकानेर का गौरव बढ़ा है. आपका अभी चयन बतौर वैज्ञानिक अधिकारी- कंसल्टेंट एनेस्थीसियोलॉजिस्ट के पद पर भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र अस्पताल, मुंबई में हुआ है. उक्त अस्पताल परमाणु ऊर्जा विभाग भारत सरकार के अधीन है. डॉ. प्रियंका आचार्य (पुरोहित) के चयन की विशेष बात यह भी है कि इस पद पर चयन होने वाली बीकानेर की यह पहली बेटी है.
डॉ. प्रियंका आचार्य पुरोहित धर्मपत्नी डॉ. विनय पुरोहित, (पुत्री श्री भगवान दास आचार्य एवं श्रीमती कृष्णा आचार्य, तथा पुत्रवधू श्री जे.के. पुरोहित एवं श्रीमती वरुणा पुरोहित) का चयनमुंबई में हुआ है. ज्ञात रहे कि डॉ. प्रियंका देश के ख्यातनाम साहित्यकार लक्ष्मीनारायण रंगा की दोहिती है. डॉ. प्रियंका के चयन पर पालीवाल मीडिया समूह से पालीवाल वाणी, पालीवाल गौरव, पालीवाल सखी, पालीवाल किरण एवं अनेक समाजसेवी संस्थाओं ने बधाई दी. बीकानेर के समाजसेवी, साहित्यकार, रंगकर्मी, चिकित्सक, जनप्रतिनिधि एवं अन्य कलानुशासनों के अनेक गणमान्यों ने अपनी बधाई प्रेषित करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है.
मेहनत और लगन बनी सफलता की कुंजी
डॉ. प्रियंका की इस उपलब्धि को बीकानेर ग्रामीणों ने बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया है. लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया.
क्षेत्र की बेटियों के लिए बनी मिसाल
बीकानेर ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रियंका अपने ज्ञान और सेवा भावना से समाज के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी. उनकी उपलब्धि से क्षेत्र की अन्य छात्राओं को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने और बड़े सपने देखने की प्रेरणा मिलेगी. परिवार ने इस सफलता का श्रेय प्रियंका की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सभी शुभचिंतकों के आशीर्वाद को दिया है.