टोंक. कार्तिक कृष्ण सप्तमी भानु सप्तमी, 1 नवम्बर 2026 रविवार को दोपहर 02-52 बजे तक उपरांत अष्टमी, अहोई अष्टमी कालाष्टमी का शुभारम्भ होगा. सुर्योदय सुबह 06-41 बजे होगा. सुर्योदय से पूर्व नक्षत्रों का सम्राट पुष्य नक्षत्र का शुभारम्भ सुबह 05-39 बजे से कर्क राशि में होगा. जिससे आनन्दादिक अठ्ठाईस योगो में श्रीवत्स योग के साथ- साथ साध्य योग दोपहर 02-39 बजे तक उपरांत 'शुभ योग बनेगा, पुष्य नक्षत्र 02 नवम्बर सोमवार को सुर्योदय से पूर्व 04-30 बजे तक विधमान रहेगा. अत: इस दिन सम्पुर्ण दिन एवं रात्रि को रवि पुष्पामृत श्रेष्ठ महासंयोग मीनी धनतेरस का रहेगा.
मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध सस्थान टोक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने पालीवाल वाणी को बताया कि इस महासंयोग में जमीन जायदाद, मकान, वाहन, वस्त्र, स्वर्ण आभुषण बही खाता खरीदने, नये व्यापार एवं निवेश करने का श्रेष्ठ योग है एवं सभी कामनाओं की कार्यसिद्धि हेतु पूजापाठ अनुष्ठान मन्त्र जाप धार्मिक आध्यात्मिक कार्य किये जा सकते है, इस अवधि मे शादी विवाह मांगलिक कार्य वर्जित है. मा लक्ष्मी एवं कुबेर की पुजा अर्चना करना, गाय को चारा, गुड, चना की दाल खिलाना, गरीबों को दान करने से विशेष लाभ एवं आर्थिक स्थिति मे वृद्धि होती है एवं विशेष शुभ फलो की प्राप्ति होती है.
बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि 1 नवम्बर 2026 रविवार को चर का चोघडिया सुबह 08-03 से 09-26 तक लाभ अमृत का चोघडिय़ा सुबह 09-26 से दिन में 12-10 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11.48 से 12.33 बजे तक शुभ का दिन में 01-33 से 02-55 बजे तक शुभ अमृत का सांय 05-41 से रात्रि 08-56 बजे तक चर का रात्रि 08-56 से रात्रि 10-33 बजे तक श्रेष्ठ रहेगा.
बाबूलाल शास्त्री टोंक : मो. 9413129502