अमेरिकी सेना ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई सहित 10 जनों को 28 फरवरी को मार डाला था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप आदि 25 अप्रैल की रात को वाशिंगटन की होटल हिल्टन में चुनिंदा पत्रकारों के साथ डिनर कर रहे थे, तभी केलिफोर्निया निवासी 31 वर्षीय कोल टॉसम ऐलन नामक युवक ने ट्रंप को निशाना बनाकर गोलियां चलाई।
गोली ट्रंप के एक सुरक्षा अधिकारी को लगी। बुलेटप्रूफ जाकेट की वजह से अधिकारी बच गया। इस गोलीबारी की घटना के बाद ट्रेन ने उन पर हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि वे और उनके परिवार के सदस्य तथा मंत्रिमंडल के सभी सदस्य सुरक्षित है। डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के बाद पूरे अमेरिका में दहशत का माहौल है।
हालांकि इस हमले में ट्रंप को कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि इस जानलेवा हमले का असर मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जो युद्ध चल रहा है उस पर पड़ेगा। हालांकि अभी ट्रंप पर हुए हमले से मध्य पूर्व के युद्ध का कोई संबंध सामने नहीं आया है, लेकिन हमले को देखते हुए माना जा रहा है कि ट्रंप अब ईरान से युद्ध के बारे में नए सिरे से विचार करेंगे।
मौजूदा समय में ईरान के निकट समुद्र के होर्मुज मार्ग पर बेहद तनावपूर्ण स्थिति है और दोनों देश इस मार्ग पर अपना अधिकार जताते हुए मालवाहक जहाजों पर हमले कर रहे हैं। हालांकि पुलिस ने उस हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है जिसने ट्रंप को मारने का प्रयास किया। अब इस युवक से पूछताछ की जा रही है। सब जानते हैं कि अमेरिका ने 28 फरवरी को जब ईरान पर हमला किया था, तभी ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई सहित 10 प्रमुख सैन्य अधिकारियों को मार डाला था। ईरान की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि खामनेई की मौत का बदला ट्रंप से लिया जाएगा।
S.P.MITTAL BLOGGER