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निजी विद्यालय संगठन के पदाधिकारियों और विद्यालय संचालकों ने विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ से की भेंट

आमेट Published by: M. Ajnabee, Kishan paliwal Updated Wed, 13 May 2026 10:00 PM
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निजी विद्यालयों की समस्याओं और नीतिगत विसंगतियों कों दूर करवानें की मांग को लेकर दिया ज्ञापन,

विधायक राठौड़ ने उचित मांगो को सरकार तक पहुंचा शीघ्र हल करवानें का दिया आश्वासन,

आमेट. निजी विद्यालय संगठन जिला राजसमन्द एवं ब्लॉक आमेट के पदाधिकारियों और विधालय संचालकों ने रविवार को पूर्व सिंचाई राज्य मंत्री कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ से कार्यालय में भेंट कर निजी विद्यालयों की समस्याओं के निराकरण एवं नीतिगत विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन दिया।

 इस अवसर पर निजी विद्यालय संगठन राजसमन्द के ज़िला संरक्षक लालसिंह झाला, जिलाध्यक्ष डां,लेखराज सिह चौहान, जिला सचिव डां.गिरीश पालीवाल, उपाध्यक्ष जवान सिंह देवड़ा, संगठन मंत्री शिव शंकर पूर्बीया, दिलीप जोशी -नाथदारा, कैलाश शर्मा राजसमन्द, आमेट-ब्लॉक अध्यक्ष मुबारिक-अजनबी, नाथद्वारा ब्लॉक अध्यक्ष चतरसिंह चौहान,दिनेश चन्द्र शर्मा, अजयपाल सिंह,जुगल किशोर वर्मा, धर्मेश सालवी, गजेन्द्र सिंह,विष्णु कुमार वैष्णव,गोपाल त्रिपाठी,मनोज सेन, यशवंत त्रिपाठी, रतनसिंह राव, ईश्वर लाल वर्मा, भेरूलाल फुलवारीयां, गजेन्द्र वर्मा, छोटूसिंह सहित नगर एवं ब्लॉक क्षेत्र के विद्यालय संचालकों ने दिए ज्ञापन में बताया गया कि निजी विद्यालय संगठन, ब्लॉक आमेट एवं कुम्भलगढ़, जिला- राजसमन्द के माध्यम से हम आपका ध्यान उन गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित करना चाहते है। जिनसे निजी विद्यालय और उनमें कार्यरत शिक्षक निरन्तर प्रभावित हो रहे है। शिक्षा व्यवस्था में सहभागी होने के बावजूद हमारे साथ हो रहे भेदभाव के सम्बन्ध में हमारी  विभागीय एवं आर्थिक मांगे

RTE लम्बित भुगतानः शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत विद्यालयों के समस्त लम्बित बिलों का तत्काल भुगतान किया जाए। प्री प्राइमरी भुगतान (न्यायालय आदेश की अनुपालना) राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा प्री प्राइमरी कक्षाओं का भुगतान करने हेतु स्पष्ट आदेश दिये जाने के बावजूद विभाग ने अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। यह भुगतान शीघ्र जारी किया जाए।

RTE यूनिट कॉस्ट को वर्तमान महंगाई दर के अनुरूप बढ़ाया जाए तथा भुगतान हेतु एक पारदर्शी एवं समयबद्ध व्यवस्था लागू की जाए।

खेल आयोजन भुगतान में विसंगति जिले में निजी विद्यालयों द्वारा जितने भी जिला एवं राज्य स्तरीय खेलों का आयोजन किया गया है, उनका नियमानुसार देय भुगतान विभाग द्वारा आज तक भी अधिकांश विद्यालयों को नहीं किया गया है। जबकी प्रतिवर्ष विद्यालयों से खेल शुल्क अनिवार्य रूप से लिया जाता है। बताया गया कि निजी विद्यालयों पर थोपे जा रहे 5 वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क, समान ड्रेस कोड़ और अन्य अव्यवहारिक निर्देशों पर तत्काल पुर्नविचार किया जाए।

181 हेल्पलाइन का दुरूपयोगः फीस सम्बन्धी शिकायतों में ये देखा गया है कि अधिकांश अभिभावक विद्यालय प्रबन्धन से चर्चा किये बिना सीधे 181 पर शिकायत कर देते है। ऐसी शिकायतों पर बिना धरातलीय जांच के कार्यवाही करना अनुचित है।

तथा कुछ अभिभावक बिना फीस चुकाये T.C. प्राप्त करने के उद्देश्य से मिथ्या तथ्यों के आधार पर शिकायतें करते है। विभाग को निर्देश दिये जाये की बिना विद्यालय का पक्ष सुने सीधे T.C. जारी करने के आदेश न दिए जाए।

छवी एवं भेदभाव का अन्तः सरकारी योजनाओं (पुस्तकों, साइकिल, वर्दी आदि) में निजी विद्यालय के छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त कर उन्हें राज्य का समान नागरिक माना जाए।

ज्ञापन में बताया की हमारा संगठन आश्वस्त करता है कि जो अभिभावक वास्तव में पीड़ित या आर्थिक रूप से परेशान है, उचित जांच के बाद संगठन उन्हें राहत प्रदान करने में पूर्ण सहयोग करेगा।

आप इस विषय पर शिक्षा मंत्री से चर्चा कर निजी विद्यालयों के मान-सम्मान और उनके हितों की रक्षा हेतु उचित निर्देश प्रदान करावें। वही विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने निजी विद्यालय संगठन के पदाधिकारियों एव़ं संचालकों को आश्वस्त किया कि उनकी न्यायोचित मांगों को राज्य सरकार एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा कर शीघ्रता शीघ्र उन्हें हल करवा राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

वार्ता के दौरान जिला सचिव डॉ. गिरीश पालीवाल ने बताया कि इन दिनों गर्मी के प्रकोप के चलते अभिभावकों की मांग एवं विधालयो मे बालकों की अल्प उपस्थिति को देखते हुए विधालयो में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जाएगा।

M. Ajnabee, Kishan paliwal

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