आमेट. नगर के श्री हीरालाल देवपुरा राजकीय महाविद्यालय में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कैलाश चन्द्र खटीक ने हिंदी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार सहित पूरे आमेट क्षेत्र में हर्ष और गौरव का वातावरण व्याप्त हो गया।
डॉ. खटीक का शोध विषय “मन्नू भंडारी के कथा साहित्य में मध्यवर्गीय महिला का सामाजिक एवं पारिवारिक संघर्ष : एक अध्ययन” रहा, जिसमें उन्होंने हिंदी साहित्यकार मन्नू भंडारी के कथा साहित्य के माध्यम से समाज में महिलाओं के संघर्ष को विस्तार से प्रस्तुत किया है। यह शोध कार्य साहित्यिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महाविद्यालय परिसर में स्टाफ साथियों एवं विद्यार्थियों द्वारा डॉ. खटीक का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य, सहायक एवं अन्य कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सहकर्मियों ने कहा कि डॉ. खटीक की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि महाविद्यालय के लिए भी गर्व का विषय है।
विद्यार्थियों में भी इस उपलब्धि को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने अपने प्रिय शिक्षक को बधाई देते हुए कहा कि डॉ. खटीक का संघर्ष और समर्पण उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। इसके साथ ही आमेट नगर के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय निवासियों ने भी डॉ. खटीक को शुभकामनाएं प्रेषित की।
नगरवासियों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस प्रकार की सफलताएं युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक और प्रेरित करती हैं। डॉ. कैलाश चन्द्र खटीक ने इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए अपनी सफलता का श्रेय अपने स्वर्गीय माता-पिता, बड़े भाइयों, परिवारजनों, मित्रों, महाविद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों को दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, प्रेरणा और विश्वास के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।
आमेट क्षेत्र में उनकी इस सफलता को एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि निरंतर मेहनत, समर्पण और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर प्रचार्य रामकेश मीना, राजकुमार वर्मा, नरेन्द्र सिंह तंवर, भरत सिंह राव, लाल सिंह पँवार, अशरफ रंगसाज सहित स्टाफ ने शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
M. Ajnabee, Kishan paliwal