अजमेर कांग्रेस का तालमेल ज्यादा सफल नहीं हो सका : दस वार्ड की जगह सिर्फ 2 में ही कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित नहीं किए
अजमेर.
अजमेर नगर निगम के पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत ने जब विगत दिनों भाजपा छोड़कर निगम चुनावों में अलग मोर्चा बनाने की घोषणा की, तब यह माना गया कि भाजपा को सबक सिखाने के लिए गहलोत 10 वार्डों में अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे। तभी कांग्रेस से तालमेल की योजना भी बनाई गई। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल और आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ के साथ जो गुपचुप योजना बनी, उसके अनुसार 10 वार्डों में कांग्रेस अपने उम्मीदवार खड़े नहीं करेगी ताकि धर्मेन्द्र गहलोत समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीत जाएं।
गहलोत ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि अनेक वार्डों में उम्मीदवार खड़े किए जाएंगे, लेकिन नामांकन के अंतिम दिन 31 अगस्त को कांग्रेस ने 10 में से सिर्फ 2 वार्डों में ही अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए। इससे माना जा रहा है कि धर्मेन्द्र गहलोत और कांग्रेस का तालमेल ज्यादा सफल नही हुआ।
कांग्रेस ने जिन दो वार्डों में उम्मीदवार घोषित नहीं किए, वे हैं वार्ड संख्या 3 और 4 है। ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित वार्ड संख्या 5 में धर्मेन्द्र गहलोत की पत्नी हेमा गहलोत ने नामांकन किया है। यहां भाजपा ने मोनिका जैन (जाट) को उम्मीदवार बनाया है। इस वार्ड की शहर में चर्चा इसलिए भी है क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी स्वयं इसी वार्ड के मतदाता हैं।
कांग्रेस ने देवनानी के वार्ड को ध्यान में रखते हुए ही अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा है। कांग्रेस की इस रणनीति को देखते हुए ही भाजपा ने गत चुनावों में कांग्रेस की उम्मीदवार रहीं मोनिका जैन को इस बार अपना उम्मीदवार बनाया है। यानि जहां कांग्रेस ने धर्मेन्द्र गहलोत को आगे किया है, वहीं भाजपा ने कांग्रेस की पूर्व उम्मीदवार का ही उपयोग किया है।
कांग्रेस ने वार्ड संख्या 3 में भी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। यहां धर्मेन्द्र गहलोत की समर्थक संध्या काबरा ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। इसके मुकाबले भाजपा ने क्षेत्रीय विधायक वासुदेव देवनानी के घनिष्ठ मित्र सीताराम शर्मा की पुत्रवधू अनामिका शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। अनामिका शर्मा को मेयर पद की प्रबल दावेदार माना जा रहा है। देवनानी से खुली अदावत रखने वाले धर्मेन्द्र गहलोत का प्रयास है कि अनामिका शर्मा को वार्ड चुनाव में ही हरवा दिखा दया जाए।
गहलोत के लिए अच्छी खबर यह है कि पूर्व पार्षद ज्ञान सारस्वत का समर्थन उन्हें मिल गया है। ज्ञान सारस्वत इस बार स्वयं चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। सारस्वत का सारा फोकस वार्ड 3 से संध्या काबरा और वार्ड 4 से हेमा गहलोत को जितवाने पर है। ये दोनों वार्ड सारस्वत के प्रभाव वाले माने जाते हैं, लेकिन वहीं देवनानी समर्थकों ने जो रणनीति बनाई है, उसमें इन दोनों वार्डों में भाजपा उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही है। हेमा गहलोत को वार्ड चुनाव में हरवाकर देवनानी समर्थक धर्मेन्द्र गहलोत को मुंहतोड़ जवाब देना चाहते हैं।
S.P.MITTAL BLOGGER
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