प्राकृताचार्य 108 श्री सुनीलसागर जी के सानिध्य में राष्ट्रीय कुलगुरु सम्मेलन आज
राजेश जैन दद्दू
इंदौर. प्राकृताचार्य 108 श्री सुनीलसागर जी महाराज के सानिध्य में राष्ट्रीय कुलगुरु सम्मेलन कुंदकुंद ज्ञानपीठ एवं देवी अहिल्या विश्व विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में होने जा रहा है। इस संबंध में शनिवार को कुंदकुंद ज्ञानपीठ के सभाकक्ष में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि कुंदकुंद ज्ञानपीठ के अध्यक्ष अमित कासलीवाल ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि रविवार को भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयामों पर आधारित राष्ट्रीय कुलगुरु सम्मेलन नेमिनगर जैन कॉलोनी के घूंघट गार्डन में होने जा रहा है। इसमें देशभर के 25 कुलगुरुओं का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय कुलगुरु सम्मेलन में नव नालंदा महा विहार-संस्कृति मंत्रालय के सम विश्व विद्यालय के कुलगुरु प्रो. सिद्धार्थ सिंह, रानी दुर्गावती विवि जबलपुर के प्रो. राजेश वर्मा, सतना से बीए चोपडे़, खंडवा से डॉ. अरुण रमेश जोशी, उज्जैन से प्रो. शिवशंकर मिश्र, चित्रकूट से प्रो. आलोक चौबे, पीआईएमआर इंदौर के प्रो. एसएस भाकर, खरगोन से मोहनलाल कोरी, राजगीर से प्रो. सचिन चतुर्वेदी, सेज यूनिवर्सिटी इंदौर से प्रो. डीके पटनायक, प्रो. पृथ्वी यादव, इंदौर की रेनेसा यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सीए स्वप्निल कोठारी, खरगोन से डॉ. प्रमोद शर्मा, टीएमयू मुरादाबाद से डॉ. राजेश दीक्षित, डॉ. विमलकुमार, प्रो. वीके जैन के अलावा प्रो. नीतेश पुरोहित, डॉ. निलाभ तिवारी, डॉ. गोविंद गंधेय, प्रो. नलिन के शास्त्री, डॉ. कविता कासलीवाल, डॉ. यतीश जैनप, डॉ. रमेश शास्त्री, डॉ. विक्रम परमार, डॉ. अमित हसीजा, प्रो. राहुल सिंघई, प्रज्वल खरे आदि विषय पर मंथन चिंतन करेंगे।
अमित कासलीवाल ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद शंकर लालवानी, कुलाधिपति स्वप्निल कोठारी होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता देवी अहिल्या विश्व विद्यालय के कुलगुरु प्रो. राकेश ंिसंघई तथा कुंदकुंद ज्ञानपीठ के अध्यक्ष अमित कासलीवाल करेंगे।
भारत की ज्ञान परंपरा में वैदिक से श्रमण परंपरा का चिंतन होगा
प्रेस कांन्फ्रेंस को राहुल सिंघई और डॉ. अरविंद जैन ने भी संबोधित करते हुए बताया कि इस आयोजन में भारत की ज्ञान परंपरा में वैदिक से श्रमण परंपरा का चिंतन राष्ट्रीय शिक्षा नीति, जो आधुनिक उच्च शिक्षा को भारतीयता की जड़ों को जोड़ने एवं जीवंत चरित्रवान और आत्मनिर्भर समाज की संरचना को पाच्य भाषाओं, दर्शन, गणित, खगोलशास्त्र तथा धातु विज्ञान, आयुर्वेद एवं स्थापत्य कला की ज्ञान राशि जो आज प्रासंगिक पर चर्चा होने जा रही है।
विश्व विद्यालयीन पाठ्यक्रम एवं अनुसंधान के लिए व्यवहारिक मार्ग की तलाश
सिंघई ने बताया कि राष्ट्रीय कुलगुरु सम्मेलन का उद्देश्य भारत के उच्च शिक्षा के कर्णधारों को एक मंच पर लाकर प्राच्य विद्याओं, इतिहास, दर्शन एवं वैज्ञानिक दृष्टि के अंतर्संबंधों की सम्यक समीक्षा करना तथा इसे विश्व विद्यालयीन पाठ्यक्रम एवं अनुसंधान का अभिन्न अंग बनाने के लिए व्यवहारिक मार्ग प्रशस्त करना है। उन्होंने समाजजनों और विद्वानो के साथ-साथ मीडिया कर्मिया और प्रसार माध्यमों के कार्मिकों से कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आह्वान किया।
प्रेस कान्फ्रेंस में यह श्रेष्ठीजन मौजूद रहे
इस पर अवसर पर कुंदकुंद ज्ञानपीठ के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, सुशीलसिंह कासलीवाल, प्रो. राहुल सिंघई, विजय काला, मयंक काला, रेखा संजय जैन, संजय पापड़ीवाल, डॉ. अरविंद जैन, ऋषभ जैन आदि मौजूद थे।
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