पर्व देवता: भगवान शिव व माता पार्वती
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशी
मंगलवार
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। भौम प्रदोष व्रत (ऋण मुक्ति व पराक्रम) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
पर्व देवता: भगवान शिव व माता पार्वती
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशी
गुरुवार
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
पर्व देवता: भगवान शिव व माता पार्वती
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशी
गुरुवार
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। गुरु प्रदोष व्रत (सौभाग्य व गुरु कृपा) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
पर्व देवता: भगवान शिव व माता पार्वती
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशी
शुक्रवार
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शुक्र प्रदोष व्रत (सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
पर्व देवता: भगवान शिव व माता पार्वती
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशी
शुक्रवार
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। शुक्र प्रदोष व्रत (सुख, समृद्धि व ऐश्वर्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
पर्व देवता: भगवान शिव व माता पार्वती
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशी
रविवार
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
पर्व देवता: भगवान शिव व माता पार्वती
Pradosh Vrat (Krishna Trayodashi) • कृष्ण त्रयोदशी
रविवार
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। रवि प्रदोष व्रत (दीर्घायु, यश व आरोग्य) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
पर्व देवता: भगवान शिव व माता पार्वती
Pradosh Vrat (Shukla Trayodashi) • शुक्ल त्रयोदशी
सोमवार
संध्याकाल में देवाधिदेव महादेव की आराधना का पावन प्रदोष व्रत। सोम प्रदोष व्रत (मनोकामना पूर्ति) के प्रभाव से कष्टों का निवारण होता है।
अस्वीकरण: हिन्दू त्योहारों एवं व्रतों की तिथियां पारंपरिक वैदिक पंचांग गणना एवं सूर्य-चंद्रमा की खगोलीय स्थिति पर आधारित हैं। स्थानीय सूर्योदय एवं उदया तिथि के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में 1 दिन का अंतर संभव हो सकता है।